आस्था और परंपरा की नगरी मुलताई में कल एक अनोखा और भव्य आयोजन होने जा रहा है। किन्नर अखाड़ा की ओर से आयोजित इस ‘घर वापसी’ कार्यक्रम में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से सैकड़ों किन्नर समाज के लोग शामिल होंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का भी संदेश देगा।
जगतगुरु काजल मां और अन्य प्रमुख किन्नर हस्तियों के मार्गदर्शन में यह भव्य आयोजन संपन्न होगा। कार्यक्रम की शुरुआत मां ताप्ती के पवित्र सरोवर में स्नान से होगी। इसके बाद मां काली मंदिर और ताप्ती मंदिर में पूजा-अर्चना, हवन-पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धर्म में घर वापसी की विधि प्रारंभ होगी।
किन्नरों की घर वापसी
मुलताई की पवित्र धरा पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य भटक चुके किन्नरों को विधि-विधान से सनातन धर्म में वापस लौटाना है। किन्नर समाज के पदाधिकारी बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में धर्मांतरण की घटनाओं से समाज प्रभावित हुआ है। घर वापसी अभियान के माध्यम से समाज के लोग अपने मूल धर्म से जुड़ेंगे और धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
इस कार्यक्रम में प्रमुख किन्नर हस्तियां जैसे जगतगुरु काजल मां, जगतगुरु संजना मां, रानी ठाकुर और मुस्कान शामिल होंगी। वे विधि-विधान के अनुसार किन्नरों को धर्म में लौटाएंगे और उन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शन देंगे।
विधि-विधान से धर्म में वापसी का महत्व
जगतगुरु काजल मां के अनुसार, किन्नर समाज अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन में सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भाग ले रहा है। घर वापसी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भटक चुके किन्नरों को विधि-विधान से उनके धर्म में लौटाना है।
कार्यक्रम के दौरान हवन-पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किन्नरों की धार्मिक शिक्षा और सामाजिक चेतना को बढ़ावा दिया जाएगा। यह पहल किन्नर समाज को अपने मूल धर्म से जोड़ने के साथ-साथ समुदाय के बीच सहयोग और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करेगी।
आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना
घर वापसी के इस भव्य कार्यक्रम से मुलताई और आसपास के क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल रहेगा। किन्नर समाज के लोग नए परिधान पहनकर पारंपरिक नृत्य, गायन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
यह आयोजन केवल धार्मिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक भी है। कार्यक्रम के माध्यम से किन्नरों और अन्य समाजों के बीच भाईचारे और एकजुटता का संदेश दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से किन्नरों की सहभागिता
मुलताई में होने वाले घर वापसी कार्यक्रम में मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किन्नर समाज के लोग शामिल होंगे। यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि किन्नर समाज की एकता और संगठनात्मक क्षमता को भी प्रदर्शित करेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित किन्नर समाज के लोग विधि-विधान के अनुसार धर्म में लौटने के साथ-साथ अपने सामाजिक अधिकारों और पहचान के लिए जागरूक होंगे। इस पहल से समाज में सम्मान और स्वाभिमान की भावना भी बढ़ेगी।
प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था
मुलताई प्रशासन ने इस भव्य कार्यक्रम के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस और सुरक्षा कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या तैनात रहेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को शांति और सौहार्द के साथ मनाएं।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे न केवल कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहेगा, बल्कि समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था की गरिमा भी बनी रहेगी।






