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सालभर से फरार ठगी का आरोपी बैतूल पुलिस के हत्थे चढ़ा, करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा

Written by:Bhawna Choubey
Published:
बैतूल में बड़ी साइबर ठगी का खुलासा, 1.93 करोड़ रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाला इनामी आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ा। निवेश के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोह की परतें अब खुलने लगी हैं।
सालभर से फरार ठगी का आरोपी बैतूल पुलिस के हत्थे चढ़ा, करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा

ऑनलाइन कमाई और निवेश के बढ़ते चलन के बीच मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से सामने आई ठगी की घटना ने कई लोगों को झकझोर दिया है। आसान मुनाफे के लालच में एक परिवार से करीब दो करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई और आरोपी लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा।

करीब एक साल तक फरार रहने के बाद आखिरकार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के साथ ही ऑनलाइन निवेश के नाम पर चल रहे बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। यह मामला लोगों के लिए भी एक बड़ा सबक बनकर सामने आया है।

बैतूल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक वर्ष से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार दबिश के बाद गिरफ्तार किया। पूरी कार्रवाई वीरेंद्र जैन के निर्देशन में की गई, जो जिले के पुलिस अधीक्षक हैं। उनके मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने लगातार आरोपी की तलाश जारी रखी। इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी सुनील लाटा का भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा, जिसके चलते पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल हुई। थाना स्तर पर कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी अंजना धुर्वे ने किया और उनकी टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी को दबोच लिया।

कैसे हुई 1.93 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी?

मामले की शुरुआत तब हुई जब बैतूल के एक व्यापारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसे ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगा गया है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने “रोबोट्रेड” नामक निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए भारी मुनाफे का लालच दिया।

निवेश बढ़ने के साथ पीड़ित से लगातार पैसा जमा करवाया जाता रहा। जब पैसे निकालने की बारी आई, तो ऐप और आरोपी दोनों गायब हो गए। तब जाकर पीड़ित को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।

जांच में सामने आया कि इस ऑनलाइन धोखाधड़ी में करीब 1 करोड़ 93 लाख रुपये की ठगी की गई। इसके बाद पुलिस ने आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

इनामी आरोपी एक साल तक पुलिस से बचता रहा

जांच के दौरान मुख्य आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने कई राज्यों में उसकी तलाश की, लेकिन वह लगातार स्थान बदलता रहा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। लगातार तकनीकी निगरानी और सूचनाओं के आधार पर आखिरकार पुलिस को आरोपी की लोकेशन मिली और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से छिपकर रह रहा था और नए लोगों को भी निवेश के नाम पर ठगने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस रिमांड के बाद आरोपी भेजा गया जेल

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारी सामने आई हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को फिर अदालत में पेश किया गया और उसे जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले में अन्य आरोपियों और जुड़े नेटवर्क की तलाश कर रही है।

 

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