महाशिवरात्रि का पर्व आते ही भक्तों का मन भगवान शिव के दर्शन के लिए बेचैन होने लगता है। इस बार भी लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाने की तैयारी कर रहे हैं। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, पूरे शहर में भक्ति का माहौल गहराने लगा है और प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है।
माना जा रहा है कि इस बार महाशिवरात्रि पर रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने अभी से व्यवस्थाओं को मजबूत करना शुरू कर दिया है, ताकि दर्शन करने आए किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो।
44 घंटे खुले रहेंगे कपाट
धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस बार रात करीब 2 बजकर 30 मिनट से ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे और लगभग 44 घंटे तक लगातार श्रद्धालुओं को दर्शन का मौका मिलेगा।
दर्शन व्यवस्था को इस तरह से बनाया गया है कि सामान्य श्रद्धालुओं को भी कम समय में दर्शन मिल सकें। अनुमान है कि एक श्रद्धालु को कतार में लगने के बाद लगभग 40 मिनट में बाबा के दर्शन मिल जाएंगे। जो भक्त विशेष टिकट लेकर दर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए अलग व्यवस्था की गई है। टिकट धारकों को अलग कतार से जल्दी दर्शन कराने की योजना बनाई गई है ताकि भीड़ का दबाव कम रहे।
भस्म आरती, बारात और विशेष पूजा का कार्यक्रम
महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शन का अलग ही महत्व होता है। इस दिन भगवान महाकाल को निराकार स्वरूप में दर्शन देते हुए देखा जाता है। सुबह करीब 6 बजे बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाएगा, जिसमें उन्हें दूल्हे के रूप में सजाया जाता है। इसके बाद भव्य बारात भी निकाली जाती है, जिसे देखने के लिए हजारों लोग जमा होते हैं।
महाशिवरात्रि की सबसे खास पूजा मानी जाने वाली भस्म आरती में इस बार केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा, जिन्हें पहले से अनुमति मिली होगी। हालांकि बाकी भक्तों को भी चलती भस्म आरती के दर्शन करने का मौका दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की लाइन रात से ही लगनी शुरू हो जाती है। भक्त शक्ति पथ से आगे बढ़ते हुए नंदी द्वार से महाकाल लोक पहुंचते हैं और फिर मानसरोवर क्षेत्र से होते हुए बाबा के दर्शन करते हैं।





