जिले के पिपलिया बिछा गांव में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जंगली सुअर से अपनी फसल को बचाने के लिए एक किसान द्वारा खेत के चारों ओर बिछाए गए करंट के तार की चपेट में आने से 11 वर्षीय मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान छठी कक्षा के छात्र अरकान शाह के रूप में हुई है।
यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चा अपने घर के पास ही खेलने के लिए निकला था। पंवासा थाना पुलिस ने आरोपी खेत मालिक बाबू परमार को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
पंवासा थाना प्रभारी गुमर सिंह मंडलोई के अनुसार, 11 वर्षीय अरकान शाह गुरुवार को स्कूल नहीं गया था। सुबह करीब 11 बजे वह अपने घर से खेलने के लिए निकला, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। जब अरकान करीब एक घंटे तक घर नहीं पहुंचा तो परिवार के लोग चिंतित हो गए और उसकी तलाश शुरू कर दी। पिता और चाचा समेत परिवार के सदस्य उसे आसपास खोजते रहे।
शाम करीब चार बजे, घर के पास स्थित खेत के मालिक बाबू परमार ने ही बच्चे के चाचा इशाक को सूचना दी कि अरकान उसके खेत में है। जब परिवार वाले वहां पहुंचे, तो उन्होंने अरकान को मृत अवस्था में पाया।
फसल बचाने के लिए लगाया था मौत का जाल
पुलिस जांच में पता चला कि खेत मालिक बाबू परमार ने अपनी लहसुन की फसल को जंगली सुअरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर तार की फेंसिंग कर रखी थी। उसने इन तारों में करंट छोड़ा हुआ था। अरकान सुबह अपने दोस्त के पास खेलने जा रहा था, तभी वह गलती से इन तारों के संपर्क में आ गया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि करंट लगने से बच्चे के हाथ-पैर और शरीर का कुछ हिस्सा जल गया था। उसके हाथ में एक खिलौना भी मिला, जो इस घटना की भयावहता को और बढ़ा देता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जो शुक्रवार सुबह किया जाएगा। आरोपी बाबू परमार के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।





