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अच्छी खबर: NH-46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में टाइगर कॉरिडोर को 4 लेन बनाने के लिए केंद्र सरकार ने दी 758 करोड़ रुपए की स्वीकृति

Written by:Atul Saxena
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इस सेक्शन को 4-लेन बनाने से पूरे क्षेत्र में माल ढुलाई में लगने वाला समय कम होगा और सुरक्षा बढ़ेगी; साथ ही किसानों के लिए बाज़ारों और मंडियों तक पहुँच भी आसान हो जाएगी।
अच्छी खबर: NH-46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में टाइगर कॉरिडोर को 4 लेन बनाने के लिए केंद्र सरकार ने दी 758 करोड़ रुपए की स्वीकृति

फ़ाइल इमेज

केंद्र की मोदी सरकार ने आज मध्य प्रदेश के लिए एक दौगात दी है, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री ने मध्य प्रदेश से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 46 पर स्थित टाइगर कॉरिडोर को 4 लेन बनाने के लिए 758 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दे दी है

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने सोशल मीडिया X पर इसकी जानकारी शेयर की जिसे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने पेज पर शेयर किया है, गड़करी ने लिखा- “मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में 22 km लंबे टाइगर कॉरिडोर को 4-लेन बनाने के लिए 758 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है।”

माल ढुलाई में लगने वाला समय कम होगा

उन्होंने आगे लिखा-  “यह क्षेत्र खेती-बाड़ी का एक बड़ा केंद्र है, और यहां कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और सीसा-जस्ता जैसे प्राकृतिक संसाधन भरपूर मात्रा में मौजूद हैं। इस सेक्शन को 4-लेन बनाने से पूरे क्षेत्र में माल ढुलाई में लगने वाला समय कम होगा और सुरक्षा बढ़ेगी; साथ ही किसानों के लिए बाज़ारों और मंडियों तक पहुँच भी आसान हो जाएगी।”

वन्यजीवों के लिए बनेंगे 11 खास अंडरपास और ओवरपास

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि  इस परियोजना में जानवरों के सुरक्षित रूप से सड़क पार करने के लिए 11 खास अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएँगे, जिससे आस-पास के वन्यजीव इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं और जानवरों की मौत के मामलों में कमी आएगी।

टाइगर रिज़र्व में इको-टूरिज़्म को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री ने बताया कि बाकी बचे 22 km के इस हिस्से को अपग्रेड करने के साथ ही, पूरा ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर एक 4-लेन वाला हाईवे बन जाएगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, और माधव नेशनल पार्क, रातापानी और सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में इको-टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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