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AIIMS भोपाल में मासूम की मौत पर उमंग सिंघार भड़के, बोले- “ये हादसा नहीं, सिस्टम की लापरवाही द्वारा की गई हत्या है”

Written by:Atul Saxena
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पुलिस ने नर्सिंग ऑफिसर मधुबाला शर्मा पर लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है वहीं अनुका गुजराती पर रसायन (फार्मेलिन) के सम्बन्ध में लापरवाही का मामला दर्ज किया है।   
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AIIMS भोपाल में मासूम की मौत पर उमंग सिंघार भड़के, बोले- “ये हादसा नहीं, सिस्टम की लापरवाही द्वारा की गई हत्या है”

Leader of the Opposition Umang Singhar

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित AIIMS में हुई लापरवाही ने अस्पताल कर्मचारियों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, एक नर्स द्वारा कैंसर पीड़ित 3 साल के सार्थक को शव को प्रिजर्व रखने वाला इंजेक्शन देना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, जाँच के बाद इस मामले में दो नर्सिंग ऑफिसर पर एफआईआर दर्ज की गई है लेकिन कांग्रेस इस मामले में सरकार पर हमलावर है और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग कर रही है

मासूम सार्थक की मौत पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार गुस्से में हैं, उन्होंने X पर लिखा- ” भोपाल AIIMS में मासूम सार्थक की मौत हादसा नहीं, सिस्टम की लापरवाही द्वारा की गई हत्या है,  3 वर्षीय कैंसर पीड़ित मासूम को दवा की जगह फॉर्मेलिन का इंजेक्शन लगा दिया गया, वही रसायन जो शव और बायोप्सी सैंपल सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होता है”।

कांग्रेस की मांग सीएम संज्ञान लें, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो  

सिंघार ने लिखा- “सबसे शर्मनाक बात यह है कि बच्चे के पिता ने तीन बार नर्स को चेताया, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। नतीजा एक मासूम की जान चली गई। जहाँ जीवन बचाने की जिम्मेदारी हो, वहाँ ऐसी लापरवाही अपराध नहीं बल्कि अमानवीयता की पराकाष्ठा है, क्या यहीं देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संस्थाओं में से एक की कार्यप्रणाली है? उन्होंने कहा मुख्यमंत्री स्वयं विषय को संज्ञान में ले दोषियों पर सिर्फ FIR नहीं, कड़ी और दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।”

बेहतर इलाज के लिए AIIMS में किया भर्ती, मिली मौत  

आपको बता दें सागर जिले के ग्राम कौरजा निवासी सिद्धार्थ यादव ने अपने 3 साल के मासूम बेटे सार्थक को एम्स भोपाल में बेहतर इलाज के लिए 15 दिसंबर 2025 को भर्ती कराया था, उसे ब्लड कैंसर था, अस्पताल में इलाज के दौरान 17 दिसंबर को सार्थक की आईवी लाइन चौक हो गई इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग ऑफिसर मधुबाला शर्मा ने पलंग के किनारे रखी सिरिंज से इंजेक्शन लगा दिया जिसके बाद सार्थक की मत हो गई बाद में जाँच में मालूम चला कि सिरिंज में आईवी फ्लश नहीं फार्मेलिन था।

दो नर्सिंग स्टाफ पर पुलिस ने  एफआईआर दर्ज की  

बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया पिता बोले मैंने नर्स को 3 बार रोका था और कहा था सिरिंज में फ्लश नहीं हिया फिर भी उन्होंने इंजेक्शन दे दिया, इतने गंभीर मामले में भी सिस्टम की एक और लापरवाही सामने आई, केस डायरी भोपाल से सागर भेजी गई फिर उसे भोपाल वापस आने में समय लगा और 93 दिन बाद पुलिस ने इस मामले में मधुबाला शर्मा और अनुका गुजराती पर लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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