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MP में जेंडर आधारित हिंसा की रोक थाम के लिए जागरूकता अभियान “हम होंगे कामयाब” 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक

Written by:Atul Saxena
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कार्यशाला के दूसरे दिन "युवाओं की भूमिका बदलाव के वाहक", तकनीक आधारित जेंडर हिंसा की समझ तथा विश्वविद्यालय स्तर पर महिला सुरक्षा उपाय जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
MP में जेंडर आधारित हिंसा की रोक थाम के लिए जागरूकता अभियान “हम होंगे कामयाब” 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक

MP News : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर जेंडर आधारित हिंसा की रोक थाम के लिए जागरूकता अभियान “हम होंगे क़ामयाब” 25 नवम्बर से 10 दिसंबर तक चलाया जाएगा। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया 25 नवंबर को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर से प्रातः10 बजे इस अभियान की शुरुआत करेगी।

जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान के तहत महिला सुरक्षा संवाद विषय पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला 25 एवं 26 नवंबर को आयोजित की गई है।

इन विषयों पर होगी चर्चा 

कार्यशाला में सरकारी समन्वय और हितधारकों की ज़िम्मेदारी के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा का समाधान, सामुदायिक पुलिसिंग, महिला सुरक्षा में सहयोगी दृष्टिकोण, जेंडर आधारित हिंसा को समझना और स्थानीय कार्यान्वयन के लिए कार्य योजनाओं का विकास, पीड़ितों के लिए समर्थन प्रणाली को मज़बूत करना, वन स्टॉप सेंटर की भूमिका और मनोवैज्ञानिक प्रभाव ,महिला सुरक्षा को बढ़ावा देना त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के माध्यम एम पी डायल 100 से अंतर्दृष्टि, महिलाओं की सुरक्षा कानूनों और नीतियों की समझ जैसे विषयों पर पहले दिन विषय विशेषज्ञों के साथ चर्चा होगी।

कार्यशाला के दूसरे दिन का ये है कार्यक्रम 

कार्यशाला के दूसरे दिन “युवाओं की भूमिका बदलाव के वाहक”, पीड़ितों के लिए समर्थन प्रणाली को मज़बूत करना, वन स्टॉप सेंटर की भूमिका, तकनीक आधारित जेंडर हिंसा की समझ तथा विश्वविद्यालय स्तर पर महिला सुरक्षा उपाय जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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