दमोह जिले के फुटेरा वार्ड में एक साधारण मकान निर्माण अचानक पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया। यहां पिलर की खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से ब्रिटिश कालीन चांदी के सिक्के निकलने की खबर फैलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। जिसने भी यह बात सुनी, वह मौके की तरफ दौड़ पड़ा।
मामला उस समय और ज्यादा गर्म हो गया जब मजदूरों ने दावा किया कि खुदाई में सिर्फ कुछ सिक्के नहीं, बल्कि करीब 35 किलो से ज्यादा चांदी के सिक्के निकले थे। मजदूरों का आरोप है कि मकान मालिक ने सिक्कों को बाल्टी में भरकर छुपा दिया और उन्हें वहां से भगा दिया। अब यह मामला पुलिस, प्रशासन और पुरातत्व विभाग तक पहुंच चुका है।
खुदाई में पहले निकला पीतल का कलश
जानकारी के अनुसार, दमोह के फुटेरा वार्ड क्रमांक-3 में एक शासकीय शिक्षक आलोक सोनी अपने पैतृक मकान का निर्माण करा रहे थे। शनिवार दोपहर मजदूर पिलर की खुदाई कर रहे थे। मजदूर के मुताबिक खुदाई के दौरान सबसे पहले जमीन से एक पीतल का कलश निकला। जब कलश खोला गया तो उसके अंदर चांदी का सिक्का मिला। इसके बाद मजदूरों ने और खुदाई की तो मिट्टी के अंदर बड़ी संख्या में पुराने सिक्के दिखाई देने लगे।
मजदूरों का बड़ा दावा- बाल्टी भरकर ले गया मालिक
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा दावा मजदूरों ने किया है। मजदूरों का कहना है कि खुदाई में करीब 35 किलो से ज्यादा चांदी के सिक्के निकले थे। उनके मुताबिक, मकान मालिक ने जल्दी-जल्दी उन सिक्कों को एक बड़ी बाल्टी में भरकर अंदर रख दिया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने हिस्सा मांगा तो उन्हें सिर्फ 500 रुपये देकर वहां से भगा दिया गया। मजदूरों का कहना है कि उन्हें डर था कि मामला दबा दिया जाएगा, इसलिए उन्होंने गांव के पूर्व सरपंच मुरारी तिवारी को पूरी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मकान मालिक ने कहा- सिर्फ 42 सिक्के मिले
दूसरी तरफ मकान मालिक आलोक सोनी ने मजदूरों के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि खुदाई के दौरान सिर्फ 42 चांदी के सिक्के मिले थे। मजदूर झूठी अफवाह फैलाकर उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आलोक सोनी का कहना है कि अगर इतनी बड़ी मात्रा में चांदी निकलती तो वह खुद प्रशासन को इसकी जानकारी देते। उन्होंने कहा कि मजदूरों की कहानी में कोई सच्चाई नहीं है।
पुलिस और ASI की टीम पहुंची मौके पर
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। कोतवाली टीआई मनीष कुमार, तहसीलदार रोबिन सिंह, नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी और पुरातत्व विभाग की टीम ने पूरे क्षेत्र की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पहले 42 सिक्के मिले। इसके बाद सामने बने एक अन्य घर से स्टील के डिब्बे में छुपाकर रखे गए 60 और सिक्के बरामद हुए। अब तक कुल 102 चांदी के सिक्के बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस को शक है कि अभी और सिक्के भी हो सकते हैं।






