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मध्य प्रदेश: इसी महीने हटेगा तबादलों से बैन! जल्द कैबिनेट में आएगा नई ट्रांसफर नीति का प्रस्ताव, जानें अबतक की अपडेट

Written by:Pooja Khodani
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मध्य प्रदेश की मोहन सरकार जल्द नई तबादला नीति 2026 लागू करने की तैयारी है। संभावना है कि लंबे समय से तबादलों पर लगा प्रतिबंध मई के दूसरे हफ्ते में हटाया जा सकता है । वहीं प्रभारी मंत्रियों को ​जिलों के भीतर होने वाले तबादलों का अधिकार दिया जा सकता हैं ।
मध्य प्रदेश: इसी महीने हटेगा तबादलों से बैन! जल्द कैबिनेट में आएगा नई ट्रांसफर नीति का प्रस्ताव, जानें अबतक की अपडेट

​मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के लिए काम की खबर है। नई तबादला नीति 2026 को लेकर ताजा अपडेट आया है। खबर है कि मंगलवार (5 मई 2026) को नई तबादला नीति को लेकर चर्चा हुई है और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्य सचिव अनुराग जैन और सामान्य प्रशासन विभाग को जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

पिछली कैबिनेट बैठक में कई सीनियर मंत्रियों और विधायकों ने तबादलों से बैन हटाने के लिए नई नीति लागू करने की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सहमति जताई थी। संभावना है कि मई के दूसरे या तीसरे हफ्ते में होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को लाकर मंजूरी दी सकती है। इसके बाद प्रदेश में एक निश्चित या सीमित अवधि (15 से 30 दिन) में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले किए जा सकते हैं।

नई तबादला नीति में पिछली बार की तरह जिलों के प्रभारी मंत्रियों को अधिकारियों के तबादले का अधिकार दिया जा सकता है। इसके तहत प्रभारी मंत्री की हरी झंडी और सहमति के बिना कोई भी जिला स्तरीय स्थानांतरण सूची जारी नहीं की जा सकेगी। वहीं विभागीय तबादले संबंधित विभागों के मंत्रियों के माध्यम से किए जा सकते हैं। हालांकि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले पहले कलेक्टर स्तर पर प्रस्तावित होंगे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इसके अलावा किसी भी विभाग में कुल कर्मचारियों की संख्या के अधिकतम 10% से 15% तक ही तबादले करने की अनुमति दी जा सकती है। नई नीति में गंभीर बीमारी, प्रशासनिक, स्वेच्छा सहित अन्य आधार स्थानांतरण को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसका लाभ उन अधिकारियों-कर्मचारियों को भी मिलेगा जो लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ है या फिर अपने गृह विधानसभा या तहसील में पदस्थ होना चाहते हैं। राज्य शासन द्वारा नीति को कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही दिशा-निर्देश और समय-सारणी आधिकारिक तौर पर जारी कर दी जाएगी।

Pooja Khodani
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