मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अवधपुरी इलाके में नगर निगम की टीम ने रिहायशी क्षेत्र के भीतर चल रही दो अवैध फिनाइल फैक्ट्रियों पर बड़ी कार्रवाई की है। निगम की टीम ने मौके पर औचक छापेमारी करते हुए जांच-पड़ताल की और नियमों की धज्जियां उड़ाकर चलाई जा रही दोनों फैक्ट्रियों को सील कर दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में अवैध कारोबार करने वाले व्यवसायियों के बीच हड़कंप मच गया है।
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री परिसर से प्लास्टिक की बॉटलों और बड़े ड्रमों में भरा भारी मात्रा में घातक केमिकल बरामद किया गया। जानकारी के मुताबिक, घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में ये दोनों फैक्ट्रियां पिछले करीब चार साल से बिना अनुमति के संचालित की जा रही थीं। स्थानीय स्तर पर इनका संचालन न्यू भारत ट्रेडर्स के नाम से किया जा रहा था, जिससे आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी लगातार खतरा बना हुआ था।
10 दिन के नोटिस के बाद भी नहीं दिखाए दस्तावेज
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि इस सीलिंग कार्रवाई से पहले फैक्ट्री संचालक को नियमानुसार 10 दिन का औपचारिक नोटिस जारी किया गया था। तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब वैधानिक दस्तावेज जमा नहीं किए गए, तो संचालक को 24 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया। इसके बावजूद जब संचालक निगम टीम के सामने कोई वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र पेश करने में नाकाम रहा, तो अधिकारियों ने तुरंत दोनों फैक्ट्रियों को सील कर दिया।
दरअसल, आबादी वाले इलाकों में व्यावसायिक निर्माण और खतरनाक केमिकल्स का भंडारण पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। फिनाइल बनाने के लिए जिन रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था, वे आसपास के रहवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे। नगर निगम की विशेष टीम ने मौके पर मिली सभी निर्माण सामग्रियों, तैयार माल और फैक्ट्री संचालन से जुड़े दस्तावेजों को अपनी कस्टडी में लेकर मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सख्त हुआ नगर निगम
भोपाल शहर में नियमों के खिलाफ और बिना मंजूरी के चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए नगर निगम ने विशेष अभियान छेड़ रखा है। सर्वोच्च न्यायालय के कड़े आदेशों के बाद निगम प्रशासन ने रिहायशी कॉलोनियों में चल रही अवैध औद्योगिक इकाइयों पर सीलिंग की कार्रवाई काफी तेज कर दी है। अवधपुरी में हुई यह ताजा कार्रवाई इसी बड़े अभियान की एक अहम कड़ी के रूप में देखी जा रही है।
इस सीलिंग के बाद नगर निगम की टीम अब राजधानी के अन्य रिहायशी इलाकों का भी सर्वे कर रही है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य प्रतिष्ठानों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का साफ कहना है कि बिना लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र के चल रही ऐसी सभी औद्योगिक गतिविधियों के खिलाफ आने वाले दिनों में सख्त कदम उठाए जाएंगे। अवधपुरी की इस कार्रवाई के बाद से शहरभर में निगरानी और ज्यादा सख्त हो गई है।






