मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब हवाई यातायात पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार शाम दिल्ली से भोपाल आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2759 खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण राजा भोज एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सकी।
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने विमान को नागपुर एयरपोर्ट डायवर्ट करने का फैसला लिया। इस दौरान विमान में सवार 147 यात्रियों को कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक फ्लाइट शाम करीब 7 बजे भोपाल पहुंचने वाली थी। विमान एयरपोर्ट के ऊपर पहुंच चुका था और लैंडिंग की तैयारी भी चल रही थी, लेकिन अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। लगातार बारिश की वजह से रनवे पर विजिबिलिटी सुरक्षित सीमा से नीचे चली गई। ऐसे हालात में किसी भी तरह का जोखिम लेने के बजाय विमान को शाम 7:36 बजे नागपुर की ओर मोड़ दिया गया। मौसम में सुधार आने के बाद विमान ने दोबारा उड़ान भरी और रात 10:01 बजे भोपाल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।
भोपाल में खराब मौसम बना हवाई सेवाओं के लिए चुनौती
इन दिनों मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार भारी बारिश दर्ज की जा रही है। राजधानी भोपाल भी इससे अछूती नहीं है। मंगलवार शाम हुई तेज बारिश ने सड़क और हवाई यातायात दोनों को प्रभावित किया। एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी कम होने की वजह से विमान की सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं थी। ऐसे मामलों में विमान को दूसरे एयरपोर्ट पर भेजना अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा नियमों का हिस्सा होता है।
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि पायलट का पहला दायित्व यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। यदि रनवे पर पानी भर जाए, बादल बहुत नीचे हों या विजिबिलिटी तय मानकों से कम हो जाए, तो विमान को डायवर्ट करना सामान्य प्रक्रिया है। इससे यात्रा में देरी जरूर होती है, लेकिन संभावित खतरे से बचा जा सकता है। भोपाल एयरपोर्ट पर मौसम सामान्य होने के बाद ही विमान को दोबारा लैंडिंग की अनुमति दी गई। इस दौरान एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रबंधन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
यात्रियों के लिए क्यों जरूरी है फ्लाइट स्टेटस चेक करना?
मानसून के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल जाता है। तेज बारिश, आंधी और कम विजिबिलिटी की वजह से फ्लाइट्स में देरी, डायवर्जन या रद्द होने जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का लेटेस्ट स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए। इससे अनावश्यक परेशानी और लंबा इंतजार करने से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम में एयरलाइन कंपनियां यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करतीं। अगर मौसम लैंडिंग के लिए अनुकूल नहीं होता, तो विमान को कुछ समय तक हवा में होल्ड किया जाता है या फिर नजदीकी सुरक्षित एयरपोर्ट पर भेज दिया जाता है। भोपाल की इस घटना में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। हालांकि यात्रियों को कुछ घंटों की असुविधा हुई, लेकिन विमान सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को मौसम अपडेट और एयरलाइन की एडवाइजरी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है।






