मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब राजधानी भोपाल में भी मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। सरकार से सख्त निर्देश मिलने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने देर रात तक शहर के अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण अभियान चलाया। इसी कड़ी में विभाग की टीम ने भोपाल की जैन डेयरी पर औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने डेयरी से कुल 116 किलोग्राम संदिग्ध पनीर जब्त किया है, जिसकी गुणवत्ता को लेकर विभाग को संदेह है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, देर रात हुई इस कार्रवाई के दौरान जैन डेयरी में रखे पनीर की गुणवत्ता और उसके वास्तविक स्वरूप को लेकर संदेह हुआ। नियमों के तहत संदेह होने पर पनीर को तुरंत जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए 116 किलो पनीर की अनुमानित बाजार कीमत करीब 34 हजार 800 रुपये बताई गई है। विभाग ने पनीर के सैंपल भी लिए हैं और उन्हें राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया है। जांच के बाद ही इसकी वास्तविक गुणवत्ता का पता चल सकेगा।
असली पनीर के नाम पर एनालॉग बेचने पर रोक
विभाग की यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत की गई है। एनालॉग या वैकल्पिक उत्पादों को असली पनीर के नाम पर बेचने पर पूरी तरह रोक है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं को भ्रमित कर पनीर के स्थान पर वनस्पति वसा या अन्य वसा से तैयार एनालॉग पनीर बेचना खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग के नियमों का उल्लंघन है। अधिकारियों ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने और उन्हें गुमराह करने वाले किसी भी मामले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट आने के बाद तय होगी कार्रवाई
हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैन डेयरी से जब्त किए गए पनीर को जांच रिपोर्ट आने से पहले आधिकारिक तौर पर एनालॉग पनीर नहीं माना जा रहा है। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही पनीर की वास्तविक संरचना, वसा की मात्रा और गुणवत्ता को लेकर अंतिम फैसला होगा। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अगर प्रयोगशाला की रिपोर्ट में यह सैंपल खाद्य सुरक्षा और मानकों के अनुसार नहीं पाया जाता है या पनीर की जगह किसी अन्य वसा अथवा वनस्पति वसा से तैयार उत्पाद का इस्तेमाल या मिलावट सामने आती है, तो संबंधित डेयरी संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा संबंधित नियमों के तहत भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। भोपाल में हुई इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य डेयरी संचालकों में भी हड़कंप का माहौल है। विभाग ने साफ किया है कि मिलावट के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।






