सावन माह शुरू होते ही राजधानी भोपाल का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया है। दरअसल शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इसी बीच ॐ शिव सेवा भक्त मंडल की ओर से आयोजित चार दिवसीय कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजकों के मुताबिक इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में कांवड़िए शामिल होंगे और भगवान शिव को नर्मदा जल अर्पित करेंगे।
वहीं आयोजकों के अनुसार कांवड़ यात्रा 31 जुलाई को दोपहर 2 बजे भोपाल से शुरू होगी। श्रद्धालु पहले नर्मदापुरम पहुंचकर मां नर्मदा का पवित्र जल भरेंगे और फिर पदयात्रा करते हुए भोपाल लौटेंगे। यात्रा का अंतिम और सबसे बड़ा आयोजन 3 अगस्त को होगा, जब प्राचीन श्री पिपलेश्वर महादेव मंदिर, पात्रा पुल से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद कांवड़िए बाबा बटेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर नर्मदा जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। आयोजन का समापन कायस्थपुरा स्थित बड़े वाले महादेव मंदिर में महाआरती और विशेष पूजा के साथ होगा। पूरे मार्ग पर भक्तों के स्वागत की भी तैयारियां की गई हैं।
क्यों खास माना जाता है यह आयोजन
दरअसल सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने नर्मदा, गंगा या अन्य पवित्र नदियों का जल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं। भोपाल की यह यात्रा भी वर्षों से श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक मानी जाती है।
यात्रा के दौरान कांवड़िए अनुशासन के साथ पदयात्रा करते हैं और पूरे रास्ते भगवान शिव के भजन, हर-हर महादेव तथा बोल बम के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहता है। आयोजकों ने बताया कि यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए पानी, प्राथमिक उपचार, विश्राम और सुरक्षा जैसी जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई हैं। कई सामाजिक संगठन भी सेवा कार्यों में भाग लेंगे, जिससे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
यातायात व्यवस्था पर रहेगा खास ध्यान
दरअसल कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सतर्क है। जिन मार्गों से यात्रा निकलेगी वहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा और जरूरत पड़ने पर कुछ मार्गों पर यातायात डायवर्ट भी किया जा सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा मार्ग पर सहयोग करें और जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।
आयोजकों ने सभी शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज में भाईचारे, सेवा और आस्था का भी संदेश देता है। सावन के इस विशेष अवसर पर भोपाल एक बार फिर शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा, जहां मंदिरों की घंटियां, भजन और हर-हर महादेव के जयघोष पूरे शहर को भक्तिमय माहौल से भर देंगे।






