भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने की दिशा में मंगलवार से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब शहर में 10 और ई-बसें चलेंगी। इसके बाद भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) के पास कुल 20 इलेक्ट्रिक बसें हो जाएंगी। नई बसों से बैरागढ़, कोलार, बावड़ियाकलां, सलैया और शहर के कई प्रमुख इलाकों के बीच आने-जाने में लोगों को पहले से ज्यादा विकल्प मिलेंगे।
दरअसल इन बसों का सबसे ज्यादा फायदा नौकरीपेशा लोगों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स और रोजाना शहर के अलग-अलग हिस्सों में सफर करने वाले यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। अभी 10 ई-बसों में रोजाना औसतन करीब 4,500 यात्री सफर कर रहे हैं। नई बसें शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़कर रोजाना 10 से 12 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। यानी शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ई-बसों की भूमिका तेजी से बढ़ने वाली है।
भोपाल ई-बस का रूट जानें
नई ई-बसों को तीन प्रमुख रूट पर चलाया जाएगा। B35 रूट चिरायु अस्पताल, बैरागढ़ से शुरू होकर आकृति ईको सिटी और सलैया तक जाएगा। इस रास्ते में लालघाटी, कलेक्ट्रेट, हमीदिया अस्पताल, रॉयल मार्केट, पीर गेट, कमला पार्क, रोशनपुरा, बोर्ड ऑफिस, MP नगर मेट्रो स्टेशन, विट्ठन मार्केट, 1100 क्वार्टर, रोहित नगर और बावड़िया चौराहा जैसे इलाके आएंगे। B36 रूट कोच फैक्ट्री से कोलार रोड तक रहेगा। इस रूट पर भोपाल रेलवे स्टेशन, अशोका गार्डन, सुभाष नगर, चेतक ब्रिज, बोर्ड ऑफिस, MP नगर मेट्रो स्टेशन, 1100 क्वार्टर, मनीषा मार्केट, बंसल अस्पताल, चूनाभट्टी, मंदाकिनी चौराहा और नयापुरा जैसे प्रमुख इलाके जुड़ेंगे।
ये रुट भी रहेंगे
वहीं B37 रूट बैरागढ़ ई-बस डिपो से ISBT तक चलेगा। इसमें लालघाटी, हमीदिया अस्पताल, शाहजहांनाबाद, नादरा बस स्टैंड, भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6, जहांगीराबाद, मालवीय नगर, मिंटो हॉल, वल्लभ भवन, जिला न्यायालय, DB मॉल और चेतक ब्रिज जैसे क्षेत्र शामिल हैं। तीनों रूट में MP नगर का जुड़ना नौकरी और पढ़ाई के लिए रोजाना आने-जाने वालों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
दिव्यांग यात्रियों के लिए हाइड्रोलिक डोर की सुविधा
बता दें कि भोपाल की नई ई-बसों में यात्रियों की सुविधा के साथ दिव्यांगजनों की जरूरत का भी ध्यान रखा गया है। बस में हाइड्रोलिक डोर दिए गए हैं, जिनकी मदद से व्हीलचेयर और ट्राइसिकल के साथ बस में चढ़ना और उतरना आसान होगा। डोर के सामने पर्याप्त जगह रखी गई है, जहां एक साथ दो व्हीलचेयर या ट्राइसिकल खड़ी की जा सकती हैं।
इन बसों की लंबाई करीब 9 मीटर और चौड़ाई लगभग साढ़े 3 मीटर है। शहर की कई सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को देखते हुए इनका छोटा आकार भी उपयोगी माना जा रहा है। मौजूदा कई सिटी बसों की लंबाई करीब 12 मीटर तक है, ऐसे में संकरी सड़कों पर उन्हें मोड़ने और निकालने में ज्यादा परेशानी हो सकती है। ई-बसों का आकार छोटा होने से शहर के कई हिस्सों में संचालन आसान रहने की उम्मीद है।






