मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव और प्रभावित जनजीवन को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राजधानी में ड्रेनेज, नाला सफाई और सड़क मरम्मत पर किए गए खर्च का हवाला देते हुए सरकार से जवाब मांगा कि इतनी राशि लगने के बावजूद भारी बारिश में शहर की सड़कों, अंडरब्रिज और रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति क्यों बनी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भोपाल में हुई बारिश ने सरकार के विकास और जलनिकासी व्यवस्था से जुड़े दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि राजधानी में ड्रेनेज, नाला सफाई और सड़कों की मरम्मत पर करीब 115 करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन बारिश के बाद कई प्रमुख मार्गों और अंडरब्रिज में पानी भर गया।
भोपाल में बारिश से अस्त व्यस्त हालात
भोपाल में 9-10 अगस्त के दौरान भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटे की अवधि में शहर में लगभग 7 इंच बारिश दर्ज की गई, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे ज्यादा एक-दिन की बारिश थी। इससे शहर का मौसमी बारिश घाटा तेजी से सरप्लस में बदल गया। बारिश के कारण शहर के 50 से अधिक इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।
कोलार रोड, नारियलखेड़ा, शिव नगर, करोंद, बैरसिया रोड, गांधी नगर, होशंगाबाद रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, बैरागढ़, निशातपुरा, सेमरा, शबरी नगर समेत कई क्षेत्रों में सड़कें पानी में डूब गईं। निचले इलाकों और कॉलोनियों में घरों में पानी घुसने की शिकायतें आईं। कुछ रिपोर्ट्स में सेमरा जैसे क्षेत्रों में सैकड़ों घरों के आसपास 5-6 फीट तक पानी और अन्य जगहों पर 2-3 फीट या उससे अधिक पानी भरने का जिक्र है। भोपाल-बैरसिया मार्ग पर ईंटखेड़ी पुल के ऊपर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ।
बारिश के कारण प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित की। नगर निगम ने पंप लगाकर पानी निकालने का काम किया। कलेक्टर समेत अधिकारी निचले इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे। पूरे राज्य में भारी बारिश से नदियों-नालों में उफान आया, कुछ जगहों पर बचाव अभियान चलाए गए और दर्जनों लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बड़े तालाब समेत कई डैमों का जलस्तर बढ़ा।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने इस स्थिति पर सरकार और नगर निगम की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि राजधानी में मात्र 7 इंच बारिश ने विकास के दावों को झूठा साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि ड्रेनेज, नाला सफाई और सड़क मरम्मत पर खर्च किए गए 115 करोड़ के बावजूद सड़कें, अंडरब्रिज आदि पानी में डूब गए। उन्होंने गणेश नगर और आसपास के इलाकों में घरों में पानी घुसने, बिजली कटौती और इंफ्रास्ट्रक्चर की खराब स्थिति का जिक्र किया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह स्थिति प्रशासनिक नाकामी और भ्रष्टाचार का परिणाम है।






