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सीएम डॉ मोहन यादव ने किया संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर का शुभारंभ, PM Modi की तारीफ की, बोले- सोचने का आसमान बड़ा होना चाहिए

Written by:Atul Saxena
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मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन अब कल्पवृक्ष की तरह बढ़ रहा है आप जो सोचोगे वो सब मिल जायेगा बस सोचने का आसमान छोटा नहीं चाहिए, बड़ा होना चाहिए।
सीएम डॉ मोहन यादव ने किया संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर का शुभारंभ, PM Modi की तारीफ की, बोले- सोचने का आसमान बड़ा होना चाहिए

CM Dr Mohan Yadav launches Sampada 2.0 software: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल से ई-पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग की नवीन प्रणाली पर विकसित सॉफ्टवेयर ‘संपदा -2.0’ का प्रदेश स्तरीय शुभारंभ किया, इसके शुभारंभ के बाद अब पूरे प्रदेश में रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान और सरल हो जाएगी, इस मौके पर सीएम डॉ यादव ने इसके पीछे छिपे प्रधानमंत्री मोदी के विजन की प्रशंसा की, उन्होंने कहा कि वित्त और राजस्व से जुड़े  कामों के लिए ये जरूरी नहीं है कि आपके पास बड़ी बड़ी डिग्री हो, आपके पास होने चाहिए दूर द्रष्टि और सोचने के बड़ा आसमान, मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के समय और राजीव गांधी के 15 पैसे पहुँचने के बयान का उदाहरण देते हुए कहा क कि एक चाय वाले ने प्रधानमंत्री बनकर न सिर्फ तकनीक की क्रांति ला दी बल्कि डिजिटल इंडिया बनाकर भ्रष्टाचार की जड़ों को भी खत्म कर दिया।

सीएम डॉ मोहन यादव ने किया Sampada 2.0 software का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कहा संपत्ति के क्रय-विक्रय की प्रक्रिया को सरल व सुगम बनाने के लिए ई-पंजीयन एवं ई-स्टेम्पिंग की नवीन तकनीक पर विकसित ‘संपदा 2.0’ पोर्टल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘Ease Of Living’ की लक्ष्य सिद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब संपत्ति पंजीयन की प्रकिया के डिजिटलीकरण से कहीं से भी प्रदेश के किसी भी जिले में प्रॉपर्टी का ई-पंजीयन कराया जा सकेगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह सुविधा प्रदेशवासियों के जीवन को आसान बनाने की हमारी सरकार की संकल्प पूर्ति में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

CM Dr Mohan Yadav बोले, सोचने का आसमान बड़ा होना चाहिए

उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन अब कल्पवृक्ष की तरह बढ़ रहा है आप जो सोचोगे वो सब मिल जायेगा बस सोचने का आसमान छोटा नहीं चाहिए, बड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा मनमोहन सिंह 20 साल देश के फायनेंस से जुड़े पदों पर रहे लेकिन वे जीरो बैलेंस पर खाते नहीं खुलवा पाए जिससे उन्हें सरकारी मदद मिल सके, और एक चाय वाले में बिना मोटी मोटी  डिग्री नहीं थी लेकिन उन्होंने कर दिखाया, राजीव गांधी की 15 पैसे वाली बात का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें 1 रुपये भेजने पर 15 पैसे मिलने का दर्द था लेकिन दवा उनके पास नहीं थी, दवा हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने दी।

Stamp Vendors व पंजीयन कार्य से जुड़े अन्य लोगों की मुझे चिंता है

सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि पंजीयन की व्यवस्ता डिजिटल हो जाने से स्टाम्प वेंडर के काम पर जरुर असर होगा लेकिन आपकी चिंता मुझे है कोई ना कोई रास्ता आपके लिए भी निकालेंगे,  लेकिन इस सिस्टम में आये बदलाव के लिए मैं आपको बधाई देता हूँ।

 

 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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