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बिजली कंपनी के आदेश पर सीएम डॉ मोहन यादव का एक्शन, बोले- अफसरों पर होगी कार्रवाई, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

Written by:Atul Saxena
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और बिजली कंपनी के एमडी पर कार्रवाई क्यों नहीं करते? बड़े अफसर को बचाना और छोटे कर्मचारी/अधिकारी पर एक्शन लेना भाजपा की एक परंपरा है।     
बिजली कंपनी के आदेश पर सीएम डॉ मोहन यादव का एक्शन, बोले- अफसरों पर होगी कार्रवाई, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा मंगलवार 3 नवम्बर के एक आदेश ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है, किसानों को 10 घंटे से ज्यादा बिजली देने पर अफसरों पर अर्थदंड यानि जुर्माना लगाने वाले इस आदेश का कांग्रेस ने विरोध किया और सरकार पर निशाना साधा जिसके बाद अब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी आदेश निकालने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

एमपीएमकेवीवीसीएल (MPMKVVCL) के मुख्य महा प्रबंधक एके जैन के हस्ताक्षर से मंगलवार को एक आदेश जारी हुआ जिसमें किसानों को 10 घंटे से ज्यादा बिजली देने पर रोक लगाने के साथ साथ आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित कृषि फीडर के ऑपरेटर, JE, DGM और GM पर अर्थदंड यानि जुर्माना लगाने और उसे उनके वेतन से काटने का फरमान शामिल था, इस आदेश के बाद प्रदेश में सियासत शुरू हो गई।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ अन्याय बताया और प्रदेश सरकार से सवाल किया कि किसानों को वैसे ही 10 घंटे बिजली नहीं मिल रही ऐसे में इस आदेश का क्या मतलब है उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रदेश के अंदर बिजली की कमी हो गई है, क्या इसी कारण यह आदेश निकाला गया है?

आदेश निकालने वाले अफसरों पर होगा एक्शन: सीएम 

बिजली कंपनी का ये आदेश मध्य क्षेत्र के कार्यालयों सहित अन्य विद्युत् वितरण कम्पनियों में चर्चा का विषय बन गया, कार्यालयों में इसका विरोध होने लगा आदेश की जानकारी मंत्रालय तक पहुंची और आज मीडिया ने जब उनसे इस आदेश का आशय पूछा तो उन्होंने कहा कि किसानों को 10 घंटे बिजली देना सरकार की प्रतिबद्धता है उन्होंने कहा  कोई अधिकारी गलत आदेश निकालता है तो उसपर भी कार्रवाई की जाएगी।

उमंग सिंघार ने किया अफसरों का बचाव, सरकार पर निशाना  

मुख्यमंत्री के इस बयान पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की प्रतिक्रिया भी सामने आई, मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों का बचाव करते हुए सरकार पर निशाना साधा, सिंघार ने कहा कि कोई भी आदेश यदि अफसर निकालता है तो उसमें सरकार की ही मंजूरी होती है वो सरकार का निर्णय होता है, मुख्यमंत्री अब अपनी गलती दूसरे पर थोपना चाहते हैं।

बिजली कंपनी के इस आदेश पर मचा बवाल 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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