भोपाल: मध्य प्रदेश में खेती के साथ नई तकनीक और कृषि आधारित कारोबार से युवाओं को जोड़ने के लिए अब संभाग और जिला स्तर पर ‘कृषि नवाचार संवाद’ आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। इन संवाद कार्यक्रमों में कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीक और उद्यमिता की संभावनाओं पर युवाओं के साथ चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और युवाओं के लिए इसमें परंपरागत खेती से आगे भी कई संभावनाएं हैं। नई फसलें, आधुनिक कृषि यंत्र, उद्यानिकी, जैविक और प्राकृतिक खेती के साथ फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़कर कृषि को ज्यादा लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से कृषि शिक्षा के साथ नई तकनीक और नवाचार को अपनाने का आह्वान किया।

कम जमीन से ज्यादा आय के विकल्पों पर जोर
युवा संवाद में मुख्यमंत्री ने पॉलीहाउस, वेयरहाउस और फूड प्रोसेसिंग जैसे कृषि आधारित उद्यमों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी के जरिए कम जमीन से अधिक आय की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। पॉलीहाउस में फूलों की खेती के अलावा मशरूम फार्मिंग, पर्ल फार्मिंग और मधुमक्खी पालन जैसे विकल्प भी युवाओं के लिए आय का जरिया बन सकते हैं। प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई भी शुरू की गई है।

खेती के साथ पशुपालन और मत्स्य पालन
मुख्यमंत्री ने किसानों को केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय बहुफसलीय खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसे विकल्प अपनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश दूध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है और इसे आगे ले जाने के लिए एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है। प्रदेश में हर साल एक लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 43 लाख रुपये की लागत से 25 गायों की डेयरी स्थापित करने पर 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। गांवों में सहकारी समितियों के जरिए दूध संग्रहण की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
मत्स्य पालन में भी युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में मछली बीज उत्पादन के लिए तीन हैचरियां शुरू की गई हैं, जिससे दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को फसल का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार फैसले ले रही है। गेहूं की एमएसपी पर खरीदी के साथ बोनस और सोयाबीन उत्पादकों के लिए भावांतर योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने को कहा।
उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान कृषि के साथ फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर अधिक से अधिक खेतों तक पानी पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

युवा संवाद में कृषि से जुड़े लोगों की भागीदारी
कार्यक्रम में खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि युवाओं को कृषि और कृषि आधारित उद्यमिता से जोड़ने की पहल इस क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगी।
युवा संवाद में कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थी और फैकल्टी सदस्य, कृषि वैज्ञानिक, स्टार्टअप प्रतिनिधि, युवा सरपंच, कृषि शोधकर्ता और कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवा शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के सवालों के जवाब भी दिए।






