Thu, Jan 1, 2026

सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी नए साल की शुभकामनाएं, मध्यप्रदेश में 2026 कृषि आधारित उद्योगों के विकास वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा

Written by:Shruty Kushwaha
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मध्यप्रदेश सरकार ने ‘समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश’ थीम के साथ कृषि वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है जिसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल उद्योग और निवेश के क्षेत्र में मिली उपलब्धियां प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं, जिन्हें इस साल सशक्त किया जाएगा।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी नए साल की शुभकामनाएं, मध्यप्रदेश में 2026 कृषि आधारित उद्योगों के विकास वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा

CM Mohan Yadav

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए वर्ष 2026 की प्रदेशवासियों को बधाई और मंगलकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नया साल नई ऊर्जा, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा। इसी के साथ उन्होंने वर्ष 2026 को कृषि आधारित उद्योगों के विकास वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है।

सीएम ने ने अपने संदेश में कहा कि बीते वर्ष 2025 में उद्योग और निवेश के क्षेत्र में मिली उपलब्धियां मध्यप्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। वर्ष 2026 में इस आधार को और सशक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि सरकार, समाज और जवाबदेह प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से मध्यप्रदेश विकास, संस्कृति, नवाचार और जनकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मध्यप्रदेश में कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा ये साल

मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को ‘समृद्ध किसान समृद्ध प्रदेश’ थीम के साथ कृषि वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस दौरान कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में नवाचार, रोजगार सृजन और किसानों की आय वृद्धि पर फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र किसानों और गरीब वर्ग के लिए आय का प्रमुख स्रोत हैं और इन्हीं क्षेत्रों के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार और स्वावलंबन के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि टनव वर्ष सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और नवीन संकल्पों की ऊर्जा लेकर आए, यही मंगलकामनाएं हैं।’

कृषि को बढ़ावा देने के लिए होंगे कई नवाचार

कृषि वर्ष 2026 के तहत प्राकृतिक खेती को हर गांव तक पहुंचाने, कृषि मंडियों के आधुनिकीकरण, बेहतर मृदा संरक्षण, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन में नवाचार पर विशेष फोकस रहेगा। इसी के साथ प्रदेश की भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखते हुए किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा। धान, गेहूं, चना, दलहन-तिलहन और हॉर्टीकल्चर के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों और वैश्विक नवाचारों से किसानों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए किसानों के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण की भी योजना है। राज्य से जिला और विकासखंड स्तर तक कृषि गतिविधियों के लिए मासिक कैलेंडर तैयार किया गया है जिसके तहत कृषि महोत्सव, मेले और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।