Hindi News

राष्ट्रीय शोधार्थी समागम: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा “मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध”

Written by:Shruty Kushwaha
Last Updated:
उन्होंने शोध को राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि यह सिर्फ शैक्षणिक आवश्यकता नहीं बल्कि समाज को नई दिशा देने वाली प्रक्रिया है। सीएम ने कहा कि आवश्यकता जैसे अविष्कार को जन्म देती है, उसी प्रकार शोध विज्ञान और वैज्ञानिक पद्धतियों का मूल आधार है। जब मानवीय प्रज्ञा में वैज्ञानिक दृष्टि का समावेश होता है, तब वह ‘प्रज्ञान’ में परिवर्तित हो जाती है।
राष्ट्रीय शोधार्थी समागम: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा “मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध”

फाइल फोटो

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘International Conference on Mahakal – The Master of Times’ की आधिकारिक वेबसाइट एवं ब्रोशर का लोकार्पण भी किया। साथ ही यहां दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन भी किया। इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर से शोधार्थी, शिक्षाविद् और विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं और यहां शोध, विज्ञान और नवाचार के विविध आयामों पर विमर्श होगा।

सीएम ने की राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में सहभागिता

भोपाल के श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शोधार्थी समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शोध सिर्फ अकादमिक गतिविधि नहीं है बल्कि यह समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने वाली सशक्त शक्ति है। उन्होंने कहा कि शोध ऐसा होना चाहिए जो नई दृष्टि और नई दिशा प्रदान करे। इस अवसर पर उन्होंने शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे निर्भीक होकर जिज्ञासा और रुचि के क्षेत्रों में अनुसंधान करें। उन्होंने कहा कि”आवश्यकता आविष्कार की जननी है, वैसे ही शोध विज्ञान और वैज्ञानिक पद्धतियों का जनक है। जब मानवीय प्रज्ञा में वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश होता है, तब वह प्रज्ञान बन जाती है।”

एमपी को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शोध और नवाचार के क्षेत्र में राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के विकास में ही राष्ट्र का समग्र विकास निहित है। शोध को आधुनिक, परिष्कृत और सामाजिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने शोधार्थियों से कहा कि परंपरागत धारणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि नवीन विचारों से ऐसे शोध प्रस्तुत करें जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। सीएम ने कहा कि विश्व के ज्ञान-विज्ञान पर लंबे समय तक पश्चिमी प्रभाव रहा है, जिसका असर भारतीय संस्कृति पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शोध सदैव समाज आधारित रहा है, जिसमें राष्ट्र कल्याण की भावना प्रमुख रही है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
Follow Us :GoogleNews