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बिजली चोरी और वितरण घाटे पर मुख्यमंत्री धामी सख्त, अधिकारियों को मार्च तक सभी परियोजनाएं पूरी करने के दिए कड़े निर्देश

Written by:Gaurav Sharma
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बिजली चोरी पर सख्ती करने, वितरण घाटे को न्यूनतम करने और गर्मियों के लिए सभी तैयारियां मार्च तक पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बिजली चोरी और वितरण घाटे पर मुख्यमंत्री धामी सख्त, अधिकारियों को मार्च तक सभी परियोजनाएं पूरी करने के दिए कड़े निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड में बिजली चोरी और वितरण के दौरान होने वाले घाटे (लॉस) को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। सचिवालय में ऊर्जा निगम के अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली चोरी को सख्ती से रोका जाए और वितरण लॉस में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

आगामी ग्रीष्मकालीन सीजन में प्रदेश की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए मुख्यमंत्री ने यूजेवीएनएल, पिटकुल एवं यूपीसीएल को अभी से सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी औपचारिकताओं को मार्च तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि अप्रैल तक नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया जा सके।

परियोजनाओं को गति देने के निर्देश

बैठक के दौरान पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) के कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा पोषित उपकेंद्रों से संबंधित मामलों का तेजी से निपटारा कर कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।

पिटकुल के प्रबंध निदेशक यू.सी. ध्यानी ने प्रस्तुतिकरण में बताया कि वर्तमान में एडीबी पोषित 220 एवं 120 केवी उप संस्थानों की परियोजनाएं मंगलौर, सेलाकुई, आराघर, खटीमा, धौलाखेड़ा, लोहाघाट एवं सरवरखेड़ा में गतिमान हैं। इसके अलावा, नॉन-एडीबी पोषित 400, 220 एवं 132 केवी उप संस्थानों की परियोजनाएं पीपलकोटी, घनसाली, बनबसा, रानीहाट, ऋषिकेश, अल्ट्राटेक एवं सिमली में प्रगति पर हैं।

भूमि आवंटन के लिए एक हफ्ते की डेडलाइन

एडीबी पोषित द्वितीय चरण के तहत चल रही परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। बहादराबाद (हरिद्वार), कोटद्वार (पौड़ी), भिकियासैंण (अल्मोड़ा), कपकोट (बागेश्वर) और नंदप्रयाग (चमोली) में भूमि आवंटन एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी करने के लिए संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से पूरा करने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाए और प्रभावी प्रगति सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, सीएसआर मद में मिली धनराशि के लिए एक अलग खाता खोलने और उसका अधिकतम रचनात्मक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।

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