देहरादून: चार धाम यात्रा 2026 के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने हेलीकॉप्टर सेवाओं को लेकर नई गाइडलाइंस और टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर शटल सेवाओं में 30 प्रतिशत की बड़ी कटौती करने का निर्णय लिया गया है।
यह फैसला केदारनाथ घाटी में अप्रत्याशित मौसम और उड़ान सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के मद्देनजर लिया गया है। अब प्रतिदिन होने वाली 264 शटल सेवाओं की जगह केवल 184 सेवाओं का ही संचालन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य खराब मौसम की स्थिति में हेलीकॉप्टरों के संचालन को पूरी तरह रोकना और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचना है।
DGCA के सख्त नियमों के तहत होगा संचालन
युकाडा ने स्पष्ट किया है कि 2026 की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर संचालन पूरी तरह से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत होगा। नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसका मकसद केवल उन्हीं ऑपरेटरों को अनुमति देना है जो सुरक्षा के सभी मानकों पर खरे उतरते हों।
इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि मौसम साफ होने पर ही हेलीकॉप्टर उड़ान भरें और पायलटों पर किसी भी तरह का अनावश्यक दबाव न हो।
यात्रियों को राहत, किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं
शटल सेवाओं की संख्या में कटौती के बावजूद यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। युकाडा ने हेलीकॉप्टर के किराए में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की है। पुरानी दरें ही इस बार भी लागू रहेंगी, जिससे श्रद्धालुओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
विभिन्न हेलीपैड से किराया इस प्रकार है:
- गुप्तकाशी से केदारनाथ: ₹12,444 प्रति व्यक्ति (आना-जाना)
- फाटा से केदारनाथ: ₹8,842 प्रति व्यक्ति (आना-जाना)
- सिरसी से केदारनाथ: ₹8,839 प्रति व्यक्ति (आना-जाना)
यह स्थिर किराया नीति उन हजारों तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है जो हर साल केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग करते हैं। युकाडा का यह दोहरा कदम — सुरक्षा के लिए उड़ानें कम करना और किराए को स्थिर रखना — एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है।





