अगर आप हवाई यात्रा करते हैं तो कभी न कभी एयरपोर्ट पर मिलने वाले खाने-पीने के सामान के दाम को लेकर कोफ्त ज़रूर हुई होगी। 300 रुपए का समोसा, 350 की चाय, 480 की कॉफी और ऐसे ही महंगे रेट्स पर मिलने वाले खाद्य पदार्थ कई बार आपकी उड़ान के रोमांच को कम कर देते हैं। लेकिन अब जल्द ही आपकी इस समस्या का हल निकलने जा रहा है।
हवाई अड्डों पर यात्रियों को महंगे चाय-नाश्ते से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने ‘उड़ान यात्री कैफे’ की शुरुआत करने की योजना बनाई है जहां चाय-समोसा जैसी रोज़मर्रा की चीजें बेहद किफायती दामों पर मिलेगी। फ़िलहाल ये सुविधा देश के कुछ एयरपोर्ट्स पर शुरु की जा चुकी है और अब इसे अन्य स्थानों पर भी शुरु करने की तैयारी चल रही है।
अब एयरपोर्ट पर खाने-पीने के महंगे दामों से मिलेगी राहत
आपको अर्ली मॉर्निंग की फ्लाइट लेना है। ज़ाहिर है घर से कम से कम दो घंटे पहले निकलना होगा। या आप किसी ऑफिशियल मीटिंग से लौट रहे हैं और डिनर करने का टाइम नहीं मिला है। आपको अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचने के लिए दो तीन फ्लाइट्स बदलनी है और एयरपोर्ट पर लंबा ले-ओवर है। ऐसे में एक बड़ी चिंता होती है खाने पीने की। घर से खाना ले जाना संभव न हो तो एयरपोर्ट पर क्या खाया जाए ये एक बड़ा सवाल होता है। आमतौर पर वहां मिलने वाली खाने पीने की वस्तुएं इतनी महंगी होती है कि कई बार लोग सहकर ही सफर पूरा करते हैं। लेकिन अब इस समस्या का समाधान होने वाला है।
एयरपोर्ट्स पर खुलेंगे “उड़ान यात्री कैफे”
भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने देशभर के हवाई अड्डों पर यात्रियों के लिए किफायती दाम पर खाने पीने की वस्तुएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “उड़ान यात्री कैफे” खोलने जा रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इसकी घोषणा की है। इस पहल के बाद आने वाले समय में एयरपोर्ट पर यात्रियों को बजट-फ्रेंडली क़ीमत पर चाय-समोसा, कॉफी और अन्य वस्तुएं मिल सकेंगी।
इन स्थानों पर शुरु हो चुकी है सुविधा
“उड़ान यात्री कैफे” की शुरुआत सबसे पहले दिसंबर 2024 में कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। इस कैफे में 20 रुपए में समोसा, 10 रुपए में चाय, कॉफी 20, पानी 10 और रसगुल्ला 20 रुपए में मिलता है। कोलकाता के बाद पुणे, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, विजयवाड़ा और चेन्नई में भी “उड़ान यात्री कैफे” खोला जा चुका है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे पर भी इसकी शुरुआत हो चुकी है। पुणे एयरपोर्ट के इस कैफे की एक दिलचस्प पहल यह है कि सारी महिला कर्मचारी हैं। हर कैफे में सिर्फ चाय-समोसा ही नहीं, बल्कि उस क्षेत्र के लोकल व्यंजन भी मिलते हैं..जैसे कोलकाता में रसगुल्ला और पुणे में वड़ा पाव।
ये कैफे जल्द ही देश के अन्य एयरपोर्ट्स पर भी खोले जाएंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया का लक्ष्य है कि इस वर्ष के अंत तक देश के सभी एएआई-प्रबंधित एयरपोर्टों पर कम से कम एक ‘उड़ान यात्री कैफे’ जरूर हो। यहां खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई भी होगी।





