राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने अजित पवार के निधन के बाद परिवार की स्थिति पर खुलकर बात की है। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पवार परिवार इस समय एक बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है और सभी सदस्य एक-दूसरे का सहारा बनकर इस दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
सुप्रिया सुले ने भावुक होते हुए कहा, “आज दादा हमारे बीच नहीं हैं, इसलिए मैं किसी भी पुरानी बात को उछालना नहीं चाहती। वे मेरे दादा थे और हमारे बीच जो भी चर्चा हुई, वह हमारे बीच ही रहेगी।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी परिवार पर है।
जांच पर मुख्यमंत्री के आश्वासन का इंतजार
सुप्रिया सुले ने अजित पवार के निधन को लेकर उठ रहे सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रोहित (पवार) की बेचैनी स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, “क्या हुआ, कैसे हुआ, क्या हम उन्हें बचा सकते थे? ऐसे कई सवाल उसके मन में हैं। इस मामले पर मुख्यमंत्री ने विस्तृत जांच का आश्वासन दिया है और हमें उस जांच की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।”
“दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने की नैतिक जिम्मेदारी हम सभी पर है। हम लोग एक-दूसरे का सहारा लेकर आगे बढ़ रहे हैं।” — सुप्रिया सुले, सांसद, NCP (SCP)
इस मुश्किल घड़ी में समर्थन देने वालों का भी उन्होंने आभार व्यक्त किया। सुप्रिया सुले ने बताया कि जब शरद पवार अस्पताल में थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने फोन कर स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। उन्होंने कहा, “इस पूरे समय में सभी ने पवार परिवार का साथ दिया, जिसके लिए मैं दिल से सभी का आभार व्यक्त करती हूं।”
शादी का फैसला दादा के आशीर्वाद से ही हुआ था
परिवार में रेवती और सारंग की शादी तय होने की घोषणा पर सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया फैसला नहीं है। उन्होंने बताया, “यह चर्चा कई महीनों से चल रही थी। रेवती और सारंग एक साल से एक-दूसरे को जानते हैं। यह मेरा सौभाग्य है कि दादा के रहते ही यह रिश्ता तय हो गया था और उन्हें उनका आशीर्वाद मिला।”
उन्होंने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 28 जनवरी को दादा हमें छोड़कर चले गए, वरना पूरा परिवार 30 जनवरी को इस शादी की घोषणा करने वाला था। सुले ने कहा, “मुझे इस बात का संतोष है कि यह शादी दादा के आशीर्वाद से ही तय हुई।”
किसानों और कृषि के मुद्दे पर भी रखी राय
राजनीतिक मुद्दों पर बात करते हुए सुप्रिया सुले ने ट्रेड डील पर सरकार से पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर इससे किसानों का भला होता है तो यह खुशी की बात है, लेकिन सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इस डील से भारत को वास्तव में क्या हासिल होगा। इसके अलावा, उन्होंने कृषि क्षेत्र में दादा के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके रहते ही कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से खेती और संबंधित उद्योगों के लिए 500 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्रोजेक्ट दिया गया था, जो उनका सपना था।





