महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें ‘तीसरी मुंबई’ के विकास को गति देना, पुणे में नए छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी और सिंचाई परियोजनाओं के लिए 15,000 करोड़ रुपये का विशाल प्रावधान शामिल है। यह बैठक दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद पहली बार आयोजित की गई थी।
बैठक की शुरुआत में स्वर्गीय अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि यह सुनेत्रा पवार की भी पहली कैबिनेट बैठक थी।
“अजित दादा के दुखद निधन के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक हुई। हमने स्वर्गीय अजित दादा पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। आज सुनेत्रा पावर की भी यह पहली मंत्रिमंडल की बैठक थी। क्योंकि आज शोक प्रस्ताव था इसलिए हमने शब्द सुमनों से बैठक में उनका स्वागत किया। मुझे अपेक्षा है कि उनके नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस अच्छी तरह से आगे जाएगी।”- देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
फडणवीस ने उम्मीद जताई कि सुनेत्रा पवार भी अजित पवार की तरह नेतृत्व देने का प्रयास करेंगी और हाल के चुनावों में मिली सफलता को कायम रखेंगी।
अजित पवार को श्रद्धांजलि, तीन इच्छाएं पूरी
दिवंगत नेता को एक विशेष श्रद्धांजलि के रूप में, कैबिनेट ने उन तीन प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिन्हें अजित पवार ने अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक में आगे बढ़ाने के लिए कहा था। इन फैसलों में पुणे के रत्नपुर MIDC के लिए उद्योग विभाग को 1000 एकड़ जमीन का हस्तांतरण, बारामती स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 75 करोड़ रुपये का आवंटन और 11 अतिरिक्त कलेक्टर पदों का सृजन शामिल है।
‘तीसरी मुंबई’ के विकास को मिलेगी रफ्तार
राज्य सरकार ने मुंबई पर दबाव कम करने के उद्देश्य से ‘तीसरी मुंबई’ के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल सेतु के पास लगभग 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के तेजी से विकास के लिए MMRDA को सिडको और MIDC जैसी नीतियां और अधिकार दिए गए हैं।
देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हम लगातार तीसरी मुंबई बनाने का प्रयास कर रहे हैं। अटल सेतु के कारण मुंबई और नवी मुंबई जुड़ चुके हैं। अब यह नया क्षेत्र मुंबई को डी-कन्जेस्ट करने, बिजनेस और फ्रंटियर टेक्नोलॉजी के लिए हमें प्राप्त हो रहा है। MMRDA को दिए गए अधिकारों से अब इस क्षेत्र में तीसरी मुंबई का काम तेजी से हो सकेगा।”
पुरंदर एयरपोर्ट और सिंचाई पर बड़ा फैसला
कैबिनेट ने पुणे के पुरंदर में प्रस्तावित छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण और बजट प्रावधान को भी अंतिम मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 96% लोगों ने इस एयरपोर्ट के लिए अपनी सहमति दे दी है और बाकी तकनीकी दिक्कतों को भी जल्द सुलझा लिया जाएगा। अधिकारियों को 1 जून तक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, राज्य के कृषि क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, सिंचाई विभाग की 40 अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए नाबार्ड से 15,000 करोड़ रुपये के दीर्घकालिक ऋण को मंजूरी दी गई है। इस कदम से अगले एक से दो वर्षों में लगभग 8 लाख एकड़ जमीन सिंचित होने की उम्मीद है, जिससे महाराष्ट्र के सभी क्षेत्रों के किसानों को फायदा होगा।





