नई दिल्ली: देश में तेजी से फैल रहे साइबर धोखाधड़ी के इकोसिस्टम को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की नई साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्रांच का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के S4C डैशबोर्ड को भी लॉन्च किया, जो साइबर अपराधों से लड़ने में एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत करेगा।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पिछले 11 सालों में भारत की डिजिटल यात्रा अभूतपूर्व रही है, लेकिन इसके साथ ही साइबर सुरक्षा की चुनौती भी उतनी ही बड़ी हो गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने साइबर अपराधियों पर नकेल कसते हुए अब तक 20 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड में से 8 हजार करोड़ रुपये की राशि फ्रीज करने में सफलता हासिल की है।
डिजिटल क्रांति और साइबर सुरक्षा की चुनौती
गृह मंत्री ने भारत के डिजिटल विस्तार के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि एक समय था जब देश में केवल 25 हजार इंटरनेट यूजर्स थे, आज यह संख्या 100 करोड़ को पार कर गई है। उन्होंने कहा, “1 GB डेटा की कीमत में 97 प्रतिशत की कमी आई है। आज दुनिया में होने वाला हर दूसरा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है। हमारे पास 97 करोड़ से अधिक जनधन खाते हैं, जिन्हें सुरक्षित करना हमारी प्राथमिकता है।”
“साइबर सिक्योरिटी अब सिर्फ वित्तीय धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, यह देश की सुरक्षा के साथ भी जुड़ गई है। हमारे देश के दुश्मनों को हमारा डेटा चुराकर बेचने की कोशिश हो रही है, जिसे हमें हर हाल में रोकना है।”- अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
अमित शाह ने चेतावनी दी कि अगर साइबर अपराध से निपटने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले 5 सालों में यह एक ‘क्राइसिस’ यानी संकट बन जाएगा।
साइबर अपराधियों पर सरकार का एक्शन
सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए गृह मंत्री ने बताया कि अब तक 12 लाख से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड रद्द किए जा चुके हैं और 20 हजार से ज्यादा साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि I4C के माध्यम से अब तक 23 लाख से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनके आधार पर करीब एक लाख 85 हजार एफआईआर हुई हैं।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में ‘म्यूल अकाउंट’ संगठित अपराध का रूप ले चुके हैं, जिन्हें सर्विस की तरह खरीदा और बेचा जा रहा है। शाह ने आरबीआई और गृह मंत्रालय द्वारा विकसित ‘म्यूल अकाउंट हंटर ऐप’ को सभी सरकारी और निजी बैंकों द्वारा अपनाने पर जोर दिया।
हेल्पलाइन 1930 की प्रभावशीलता बढ़ाने पर जोर
अमित शाह ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसकी प्रभावशीलता बढ़ाना और रिस्पांस टाइम को कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने राज्य पुलिस को आगाह करते हुए कहा, “अगर कोई पीड़ित 1930 पर कॉल करता है और समय पर कॉल रिसीव नहीं होती, जिससे उसका पैसा निकल जाता है, तो इससे हेल्पलाइन की छवि खराब होती है।” उन्होंने कहा कि हर घंटे करीब 100 लोग साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं, इसलिए जांच की गति को और तेज करने की आवश्यकता है।





