राजिम: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध राजिम कुंभ कल्प मेले में अव्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय भाजपा विधायक रोहित साहू का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आयोजन में लापरवाही पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। विधायक ने मेले के नोडल अधिकारी और जिला पंचायत CEO प्रखर चंद्राकर से नाराजगी जताते हुए सीधे तौर पर कहा, “सरकार की इमेज की धनिया बो रहे हैं। बेइज्जती हो रही है।”
यह पूरा विवाद उस वक्त बढ़ा जब 8 फरवरी को मुख्यमंच पर प्रस्तुति देने आए कलाकारों को कार्यक्रम खत्म होने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक बिना भोजन-पानी के बैठाए रखा गया। कलाकारों के साथ हुए इस दुर्व्यवहार की खबर मिलते ही विधायक रोहित साहू तुरंत मौके पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कलाकारों के साथ दुर्व्यवहार बना तात्कालिक कारण
जानकारी के अनुसार, मंच पर अपनी प्रस्तुति समाप्त करने के बाद कलाकारों को उनके भोजन की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा, जिससे वे परेशान हो गए। इस गंभीर मामले की सूचना पर विधायक ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जिला प्रशासन के अधिकारियों और इवेंट कंपनी के प्रतिनिधियों से जवाब तलब किया। जब उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो उनका गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने सभी को कड़ी फटकार लगाई।
पत्रकारों की शिकायत को भी किया गया था नजरअंदाज
इससे पहले 7 फरवरी को भी मेले में अव्यवस्था का मामला सामने आया था। पत्रकारों और आम नागरिकों के एक समूह ने इवेंट कंपनी पर मनमानी करने, अनावश्यक रोक-टोक लगाने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए विधायक साहू से मुलाकात की थी। उस वक्त विधायक ने जिला प्रशासन और इवेंट कंपनी को तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थे। लेकिन अगले ही दिन कलाकारों के साथ हुई घटना ने साबित कर दिया कि निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
“राजिम कुंभ कल्प मेला हमारी आस्था, संस्कृति और प्रदेश की पहचान से जुड़ा आयोजन है। इसकी गरिमा से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कलाकारों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए।”- रोहित साहू, विधायक, राजिम
विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चाहे अधिकारी हों या इवेंट कंपनी, अगर कोई भी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने प्रशासन को सभी व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।





