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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 6412 जोड़ों की शादी, सरेंडर नक्सलियों ने भी लिए सात फेरे, CM साय ने दिया आशीर्वाद

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आज एक भव्य आयोजन में 6,412 से अधिक जोड़ों ने विवाह रचाया। राजधानी रायपुर में हुए मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवविवाहितों को आशीर्वाद दिया। इस दौरान गरियाबंद में 4 आत्मसमर्पित नक्सलियों का विवाह भी संपन्न हुआ, जो इस आयोजन का एक विशेष आकर्षण रहा।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 6412 जोड़ों की शादी, सरेंडर नक्सलियों ने भी लिए सात फेरे, CM साय ने दिया आशीर्वाद

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज सामाजिक समरसता और सरकारी सहयोग की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रदेश भर में 6,412 से अधिक जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। यह आयोजन अलग-अलग जिलों में विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ, जिसमें हजारों परिवारों ने हिस्सा लिया।

राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह सबसे बड़ा केंद्र रहा। यहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में 1316 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा। इस अवसर पर सीएम साय ने नव-दंपतियों को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूसरे जिलों के जोड़े भी ऑनलाइन माध्यम से इस मुख्य समारोह से जुड़े।

गरियाबंद में 4 सरेंडर नक्सलियों ने शुरू की नई जिंदगी

इस योजना ने न केवल गरीब परिवारों को सहारा दिया, बल्कि समाज की मुख्यधारा से भटके लोगों को भी एक नया जीवन देने का काम किया। गरियाबंद जिले में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 4 आत्मसमर्पित नक्सलियों- सुनील, अंजू, बलदेव और डमरू ने भी सात फेरे लिए।

कुल मिलाकर, गरियाबंद के मुख्य मेला मंच पर 283 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिसमें 25 समर्पित नक्सली मेहमान के तौर पर शामिल हुए। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल और क्षेत्रीय विधायक रोहित साहू समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

‘बेटी का विवाह अब चिंता नहीं, बल्कि सम्मान’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस योजना को एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना सामाजिक समरसता और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करती है।

“एक समय था जब गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह एक बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है।”- विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे दो साल में ही पूरे कर दिए गए हैं, जिसमें महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये देना, श्रीरामलला दर्शन योजना और तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए मानक बोरा मूल्य में वृद्धि जैसी योजनाएं शामिल हैं।

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ

इसी मंच से मुख्यमंत्री साय ने एक और बड़ी पहल की शुरुआत की। उन्होंने ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़’ अभियान का आगाज किया। इस अभियान के पहले चरण में बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों के 6 माह से 52 माह तक के करीब 40 हजार कुपोषित बच्चों को लक्षित किया जाएगा।

हालांकि, इस खुशी के मौके पर मनेंद्रगढ़ से एक दुखद खबर भी सामने आई। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने जा रही एक बस के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से लगभग 17 जोड़े घायल हो गए।