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अखिलेश यादव ने सीएम योगी के ‘कयामत’ वाले बयान पर किया पलटवार, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था पर भी घेरा

Written by:Banshika Sharma
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'कयामत' वाले बयान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सरकार और बीजेपी कमजोर होती है, सीएम योगी सांप्रदायिक हो जाते हैं। अखिलेश ने यह भी सवाल उठाया कि उर्दू भाषा के खिलाफ रहने वाले मुख्यमंत्री 'कयामत' जैसे शब्द का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं।
अखिलेश यादव ने सीएम योगी के ‘कयामत’ वाले बयान पर किया पलटवार, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था पर भी घेरा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘कयामत’ शब्द को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान पर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सरकार कमजोर पड़ती है, मुख्यमंत्री योगी सांप्रदायिक हो जाते हैं।

अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो मुख्यमंत्री उर्दू के खिलाफ थे, वो आज ‘कयामत’ की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम योगी को कयामत की बात नहीं करनी चाहिए और न ही उर्दू भाषा बोलनी चाहिए।

“जो मुख्यमंत्री उर्दू के खिलाफ था, वो कयामत की बात कर रहा है। वो कयामत के अलावा कोई दूसरा शब्द इस्तेमाल करें, जब मुख्यमंत्री घिर जाते हैं, बीजेपी कमजोर हो जाती है तब वो कम्युनल हो जाते हैं।”- अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सपा

भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था पर भी घेरा

सपा प्रमुख ने सिर्फ ‘कयामत’ वाले बयान पर ही नहीं, बल्कि योगी सरकार को कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी घेरा। उन्होंने कहा, “इनके अधिकारी ने नोएडा के सबसे बड़े माफिया को जेल से भगा दिया। इस सरकार ने भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं तोड़ दी हैं।”

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में जातिवादी व्यवस्था अपने चरम पर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इनका विधायक इनके मंत्री का अपहरण कर लेता है। बिजली के मुद्दे पर भी सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने सवाल किया कि पिछले 10 सालों में प्रदेश में एक भी बिजली का कारखाना लगा हो तो बताएं।

क्या था सीएम योगी का ‘कयामत’ वाला बयान?

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बाबरी ढांचे का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा और हिंदुस्तान में रहने वालों को कायदे में रहना होगा।

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा था:

“जो कयामत के दिन आने का सपना देख रहे हैं, ऐसे ही सड़ गल जाएंगे, वह दिन कभी आने वाला नहीं है। कयामत तक बाबरी नहीं बन पाएगी। कानून तोड़ने वाले जहन्नुम जाएंगे।”

सीएम योगी ने यह भी कहा था कि उनकी सरकार आने से पहले प्रदेश में अराजकता का माहौल था, गरीबों की जमीनों पर कब्जे होते थे। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश में बेटियां और व्यापारी सुरक्षित हैं और सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अखिलेश यादव का पलटवार सीएम योगी के इसी बयान के बाद आया है, जिससे राज्य में जुबानी जंग और तेज हो गई है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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