लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में एक जनसभा के दौरान बाबरी ढांचे को लेकर एक बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग देश में बाबरी ढांचे का ‘कयामत’ तक सपना देख रहे हैं, उनका यह सपना कभी पूरा नहीं होने वाला है, क्योंकि कयामत का दिन कभी नहीं आएगा।
सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “भारत में कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे। देश के कानून को मान लो, कानून तोड़ने वालों को जहन्नुम ही मिलेगा।” उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
‘जो कहा, वो करके दिखाया’
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कामकाज का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा जो बोलती है, वह करके दिखाती है। उन्होंने कहा, “यह सरकार जो बोलती है, वह कर के दिखाती है। जितना करती है उतना ही बोलती है। हमने कहा था रामलला आएंगे, हम मंदिर वहीं बनाएंगे… कोई संदेह है?”
“हम आज फिर इस बात को कह रहे हैं कि कयामत तक बाबरी नहीं बन पाएगी और जो कयामत के दिन आने का सपना देख रहे हैं, ऐसे ही सड़ गल जाएंगे, वह दिन कभी आने वाला नहीं है। उनके सपने को हम ऐसे ही चूर करते रहेंगे।”- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि उनकी सरकार भारत की गौरवशाली परंपरा और सनातन धर्म का सम्मान करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 नवंबर को अयोध्या में श्रीराम मंदिर में केसरिया ध्वज फहराने का भी जिक्र किया और कहा कि यह ध्वज भारत के गौरव को हमेशा आगे बढ़ाता रहेगा।
जातिगत राजनीति पर भी साधा निशाना
यह पहली बार नहीं है जब सीएम योगी ने चुनाव से पहले कड़े तेवर दिखाए हैं। हाल ही में, उन्होंने सीतापुर में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर बांटने वाली राजनीति से सावधान रहने की अपील की थी। उन्होंने कहा था, “उन नेताओं के बहकावे में मत आइए जो जाति के नाम पर, वादों के नाम पर बांटना चाहते हैं। अगर आप बंट गए तो कटने के रास्ते भी खुल जाएंगे।” उनके इन बयानों को आगामी चुनावों के लिए भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।





