नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा में आम बजट पर हुई बहस में हिस्सा लेते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बजट को ‘दिशाहीन’ करार देते हुए आरोप लगाया कि यह केवल देश के पांच प्रतिशत लोगों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। महंगाई को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि गरीब अपनी बेटी की शादी में पीतल चढ़ा लोहा भी नहीं दे पाएगा।
“सोने के भाव कहां पहुंच गए? अब तो चांदी तो दूर, यह सरकार चलती रही तो गरीब लोहे पर पीतल चढ़ाकर अपनी बेटी की विदाई नहीं कर पाएगा।”- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि वह भाजपा के हर बजट को ‘एक बटा बीस’ मानते हैं, जिसका मतलब है कि यह सिर्फ 5% लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि इस बजट में पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के लिए कुछ भी नहीं है और ऐसा लगता है कि सरकार ने इस बड़े वर्ग के बारे में सोचना ही छोड़ दिया है।
किसानों और आरक्षण पर सरकार को घेरा
किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि किसानों को फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी आज तक नहीं मिल पाई है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार दूध के उत्पादन पर एमएसपी की गारंटी कैसे देगी? उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा के लोग किसानों को लाभ नहीं पहुंचाना चाहते हैं, बल्कि कुछ अदृश्य लोगों को फायदा पहुंचा रहे हैं। अगर सरकार को किसानों की फिक्र होती तो उन्हें समय पर खाद और बीज मिल जाते।”
आरक्षण के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “जिस तरह से विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों में आरक्षण के साथ खिलवाड़ हो रहा है, उसकी कल्पना नहीं की जा सकती। विकसित भारत तभी बनेगा जब पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को उनका हक मिलेगा।”
बुलडोजर, विदेश नीति और अयोध्या का जिक्र
अखिलेश यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि इस बजट से न तो आर्थिक और न ही सामाजिक असमानता दूर हो रही है। उन्होंने ‘बुलडोजर संस्कृति’ की आलोचना करते हुए कहा कि प्रजातंत्र में बुलडोजर का कोई स्थान नहीं होता। उन्होंने सवाल किया कि बुलेट ट्रेन सिर्फ संपन्न रूटों पर ही क्यों चलाई जा रही है? इसे उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल जैसे राज्यों में क्यों नहीं लाया जा रहा?
इस दौरान उन्होंने अयोध्या के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए वहां की जनता को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “अयोध्या की जनता को धन्यवाद जिन्होंने इनके कम्युनल एजेंडे को फेल कर दिया।” विदेश नीति पर भी सरकार को विफल बताते हुए उन्होंने कहा कि चीन हमारी जमीन और बाजार दोनों पर नजर रखे हुए है, जिस पर सरकार को सतर्कता से फैसला लेना चाहिए। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई डील पर भी सवाल उठाए और पूछा कि क्या इस डील ने ‘आत्मनिर्भरता’ की परिभाषा बदल दी है।





