नई दिल्ली: भारत, अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति की एक अहम बैठक हुई, जिसमें इन महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौतों (ट्रेड डील्स) की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जानकारी दी कि सरकार को उम्मीद है कि अगले महीने के मध्य तक एक अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए थरूर ने कहा कि चर्चा का मुख्य केंद्र भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ के बीच होने वाले व्यापार समझौते रहे। उन्होंने बताया कि बैठक में विदेश सचिव और वाणिज्य मंत्रालय के मुख्य वार्ताकार भी मौजूद थे, जिन्होंने समिति के सदस्यों के सवालों का विस्तार से जवाब दिया।
500 अरब डॉलर के आयात का लक्ष्य प्रतिबद्धता नहीं
अमेरिका से 500 अरब डॉलर के आयात को लेकर चल रही चर्चाओं पर थरूर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने समिति को बताया कि यह आंकड़ा कोई अंतिम प्रतिबद्धता (कमिटमेंट) नहीं है, बल्कि एक लक्ष्य है जिसे हासिल करने का प्रयास किया जाएगा।
“यह बताया गया कि 500 बिलियन डॉलर कोई कमिटमेंट नहीं है। इसकी कोशिश करेंगे। पहले से ही 42 बिलियन डॉलर का सालाना आयात होता है, उसे दोगुना करना मुश्किल नहीं है। इसमें हवाई जहाज के पुर्जे, डेटा सर्वर और सेमीकंडक्टर जैसी चीजें शामिल हैं, जिससे यह आसानी से हो सकता है।”- शशि थरूर, अध्यक्ष, विदेश मामलों की स्थायी समिति
थरूर ने यह भी कहा कि लगभग 17-18 सांसदों ने इस विषय पर सवाल पूछे और अधिकारियों द्वारा दिए गए अधिकांश जवाबों से सदस्य संतुष्ट नजर आए।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के प्रमुख बिंदु
समिति को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के कुछ प्रमुख पहलुओं के बारे में भी जानकारी दी गई, जिन पर दोनों देश सहमत हुए हैं। इनमें शामिल हैं:
- भारत कई अमेरिकी औद्योगिक, कृषि और खाद्य उत्पादों पर टैरिफ या तो खत्म करेगा या कम करेगा।
- भारत ने अमेरिका से बड़े पैमाने पर ऊर्जा, आईटी, कोयला और कृषि उत्पादों की खरीद का संकल्प लिया है।
- दोनों देश व्यापार में आने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
- डिजिटल सर्विस टैक्स हटाने और डिजिटल व्यापार से जुड़े नियमों पर भी बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।
- आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सप्लाई चेन, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा।
अंतरिम समझौते से दूर होंगी आशंकाएं
शशि थरूर ने विश्वास जताया कि जब अगले महीने के मध्य तक अंतरिम समझौता सामने आएगा, तो लोगों के मन में मौजूद कई सवाल और शंकाएं दूर हो जाएंगी। उन्होंने बैठक को बेहद सफल बताया। बैठक में बांग्लादेश के साथ संबंधों पर भी चर्चा हुई, जिस पर सरकार ने बताया कि वह सभी पक्षों के साथ संपर्क में है।





