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सीएम डॉ. मोहन यादव दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में होंगे शामिल, मध्यप्रदेश में निवेश सहित कई विषयों पर होगी चर्चा

Written by:Shruty Kushwaha
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बैठक के दौरान मुख्यमंत्री वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की आर्थिक प्राथमिकताओं, औद्योगिक क्षमताओं और विकास दृष्टि को प्रस्तुत करेंगे। इसी के साथ उर्जा, उद्योग, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश और रणनीतिक साझेदारी के अवसरों को भी रेखांकित किया जाएगा।
सीएम डॉ. मोहन यादव दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में होंगे शामिल, मध्यप्रदेश में निवेश सहित कई विषयों पर होगी चर्चा

CM Mohan Yadav

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधिमंडल स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं, औद्योगिक क्षमताओं और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। यह बैठक 18 से 23 जनवरी के बीच आयोजित हो रही है, जिसमें दुनिया भर के नीति-निर्माता, उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय निवेशक भाग ले रहे हैं।

इस वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं, औद्योगिक क्षमताओं और भविष्य उन्मुखी विकास मॉडल को अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करेगा। इसके तहत सरकार का उद्देश्य राज्य को भरोसेमंद, दूरदर्शी और फ्यूचर-रेडी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में शामिल होंगे 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में सम्मिलित होंगे। स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित इस सम्मेलन में वैश्विक उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के साथ चर्चा होगी। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अंतर्राष्ट्रीय सत्रों में मध्यप्रदेश ऊर्जा उत्पादन और ग्रीन ग्रोथ पर अपना दृष्टिकोण रखेगा। नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना और ऊर्जा संक्रमण से जुड़े मॉडल पर होने वाले विमर्श में राज्य की भूमिका को रेखांकित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इसके माध्यम से मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश के भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

मध्यप्रदेश के बारे में दी जाएगी जानकारी

उद्योग और विनिर्माण से जुड़े सत्रों में रक्षा उत्पादन, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ होने वाले संवादों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश-अनुकूल वातावरण और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। डिजिटल तकनीक और नवाचार से संबंधित सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशंस पर भी चर्चा होगी। स्वास्थ, सामाजिक अवसंरचना और मानव विकास से जुड़े विमर्शों में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, तकनीक-समर्थित स्वास्थ सेवाएं और मानव-केंद्रित विकास मॉडल पर चर्चा होगी। इसी के साथ पर्यटन पर केंद्रित वैश्विक सत्रों में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जैव-विविधता, अनुभव-आधारित पर्यटन और कनेक्टिविटी को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार के अनुसार दावोस में विभिन्न सत्रों, राउंड टेबल बैठकों और वन टू वन संवाद के माध्यम से निवेश, औद्योगिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े ठोस अवसर सामने आने की उम्मीद है।