कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में पीडीएस गेहूं खरीदी में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे “गरीबों के हक़ पर डाका” बताते हुए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने प्रदेश की बीजेपी सरकार से सवाल किया है कि ये सारा खेल किसके संरक्षण में चल रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आने वाले गेहूं में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। उनका आरोप है कि “पुराना गेहूं नई बोरियों में भरकर बेचा जा रहा है, कई जगह अवैध तुलाई हो रही है और सिस्टम को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है।”
एमपी में पीडीएस घोटाले के आरोप
मध्यप्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गेहूं खरीदी और भंडारण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। राजधानी भोपाल सहित कई क्षेत्रों में सरकारी गेहूं खरीदी और भंडारण व्यवस्था की शुरुआती जांच में गंभीर खामियां सामने आई हैं। कई वेयरहाउस में पुराने पीडीएस गेहूं को पुनः पैक कर नई बोरियों में भरने के संकेत मिले हैं, जिससे रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका गहराई है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि कई स्थानों पर पुराना गेहूं नई बोरियों में भरकर उसे नई खरीदी के रूप में दिखाया जा रहा था। साथ ही कुछ केंद्रों पर तय मानकों से अधिक और कम वजन की अवैध तुलाई भी पाई गई है। इस पूरे मामले को लेकर राज्य के 93 गोदामों में व्यापक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल
इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए सवाल किए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि गरीबों के हक पर हमला किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “गरीब का अनाज भी नहीं छोड़ा गया है। पीडीएस गेहूं घोटाले में पुराना अनाज नई बोरियों में भरकर खपाया जा रहा है, कई जगह अवैध तुलाई हो रही है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि गरीबों के अधिकारों पर डाका है।” कांग्रेस नेता ने पूछा है कि बीजेपी सरकार बताए कि यह पूरा खेल किसके संरक्षण में चल रहा है।”






