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कांग्रेस विधायक आतिफ अकील की मांग, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे सरकार, रामेश्वर शर्मा ने किया स्वागत, दिया ये सुझाव

Written by:Atul Saxena
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कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में एक अशासकीय संकल्प लगाया है, इस संकल्प में उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है, कांग्रेस विधायक ने इसके अलावा गाय के अंतिम संस्कार और चमड़े का व्यापार बंद करने की भी मांग की है।
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील की मांग, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करे सरकार, रामेश्वर शर्मा ने किया स्वागत, दिया ये सुझाव

Atif Aqeel Rameshwar Sharma

मध्य प्रदेश में एक बार फिर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठने लगी है, खास बात ये है कि इस बार कांग्रेस के एक मुस्लिम विधायक ने उठाई है उन्होंने इसे लेकर विधानसभा में अशासकीय संकल्प लगाया है, उनकी मांग का भाजपा ने स्वागत किया है।

राजधानी भोपाल की उत्तर विधानसभा के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में एक अशासकीय संकल्प लगाया है, इस संकल्प में उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है, कांग्रेस विधायक ने इसके अलावा गाय के अंतिम संस्कार और चमड़े का व्यापार बंद करने की भी मांग की है।

BJP सरकार पर साधा निशाना 

आतिफ अकील ने कहा 2017 मेरे पिता पूर्व मंत्री आरिफ अकील ने भी संकल्प लगाया था तब भी भाजपा की सरकार थी लेकिन तब बहुमत नहीं होने पर ये प्रस्ताव पारित नहीं हो सका था, उन्होंने कहा इससे जाहिर होता है कि भाजपा की कथनी और करनी में बहुत फर्क है।

रामेश्वर शर्मा ने किया स्वागत, तंज भी कसा 

आतिफ अकील की मांग का भाजपा ने स्वागत किया साथ ही उन्हें एक सुझाव भी दिया है, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मैं उनकी भावना का सम्मान करता हूँ धन्यवाद देता हूँ लेकिन वो मस्जिदों में जाकर वहां भी इस संकल्प को पास करवा लें। उन्होंने सुझाव दिया कि मस्जिद में सरे मुसलमान नमाज के वक्त तय कर लें कि किसी भी कीमत पर गाय कटने नहीं दी जाएगी उसी दिन गाय अपने आप ही राष्ट्रीय पशु घोषित हो जाएगी, पब्लिसिटी के लिए इस तरह के अशासकीय संकल्प लाना ठीक नहीं।

 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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