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इंदौर से उज्जैन सेवाधाम आश्रम भेजे गए 86 में से 17 दिव्यांग बच्चों की मौत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, उमंग सिंघार ने की हाईकोर्ट निगरानी में न्यायिक जांच और आश्रमों के ऑडिट की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
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ऐसे बच्चे जो पहले से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, उन्हें बेहतर देखभाल के लिए उज्जैन भेजा गया था। लेकिन वहां भी लगातार हो रही मौत ने उनकी सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और राज्य के सभी आश्रमों की व्यवस्था की समीक्षा कराने की मांग की है।
इंदौर से उज्जैन सेवाधाम आश्रम भेजे गए 86 में से 17 दिव्यांग बच्चों की मौत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, उमंग सिंघार ने की हाईकोर्ट निगरानी में न्यायिक जांच और आश्रमों के ऑडिट की मांग

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में दिव्यांग अनाथ बच्चों की मौत को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि इंदौर के युगपुरुष आश्रम से उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेजे गए 86 दिव्यांग-अनाथ बच्चों में से 17 बच्चों की एख साल के भीतर मौत हो चुकी है और अधिकतर मामलों में मौत का कारण “सांस लेने में तकलीफ” बताया गया है। उन्होंने कहा कि बार-बार एक ही कारण बताना पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सेवाधाम आश्रम में पहले भी बच्चों की मौतों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, बावजूद बावजूद बच्चों को वहीं भेजना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी किसकी है और मौतों की जांच कब तक पूरी होगी।

क्या है मामला

दरअसल जून-जुलाई 2024 में इंदौर के श्री युगपुरुष धाम आश्रम में बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आश्रम की मान्यता रद्द कर दी थी और वहां रह रहे बच्चों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में स्थानांतरित किया गया था। प्रशासन का तर्क था कि बच्चों को बेहतर चिकित्सा और देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी।

उज्जैन के अंकितग्राम सेवाधाम आश्रम (जिसे अक्सर सेवाधाम आश्रम कहा जाता है) में दिव्यांग और अनाथ बच्चों की मौतों का मामले में कई तरह के संशय गहरा रहे हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर के युगपुरुष आश्रम से दिसंबर 2024 में शिफ्ट किए गए 86 बच्चों में से 17 की मौत हो चुकी है। इससे पहले, इंदौर के युगपुरुष आश्रम में बच्चों की मौतों ने पहले ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कई बच्चों की तबीयत खराब होने और संक्रमण फैलने की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने जांच शुरू की और आश्रम प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगे थे। लेकिन उज्जैन में बच्चों को स्थानांतरित करने के बाद भी स्थिति बहुत बेहतर नहीं नज़र आ रही।

उमंग सिंघार ने किए सवाल, जांच की मांग

इस मामले में उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में स्थानांतरण के बाद भी बच्चों की मौतें नहीं रुकीं और एक साल के भीतर 17 बच्चों की जान चली गई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बच्चों को बेहतर इलाज के लिए उज्जैन भेजा गया था तो फिर मौतें क्यों हो रही हैं और लगभग हर मामले में सांस लेने में तकलीफ को ही कारण क्यों बताया जा रहा है।

उन्होंने पूछा कि क्या सभी बच्चों को एक जैसी बीमारी थी और क्या वहां नियमित मेडिकल मॉनिटरिंग, ऑक्सीजन सपोर्ट और विशेषज्ञ डॉक्टरों की व्यवस्था थी या नहीं। नेता प्रतिपक्ष ने इस पूरे मामले में हाईकोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराने, राज्य के सभी आश्रमों का ऑडिट कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज करने और सभी बच्चों की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग कराने की मांग की है।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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