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मध्य प्रदेश: सभी संभागों में गेहूं का उपार्जन शुरू, 3171 केन्द्र बनाये गये, 24 अप्रैल तक कर सकते हैं स्लॉट बुक, जानें अन्य डिटेल्स

Written by:Pooja Khodani
Last Updated:
MP WHEAT PROCUREMENT: 15 अप्रैल से प्रदेश के शेष संभागों में भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरु हो गई है। इस साल न्यूनतम समर्थन मूल्य 2625 प्रति क्विंटल रखा गया है। अबतक 42689 किसानों से 18 लाख 97 हजार 480 क्विंटल गेहूँ उपार्जित किया जा चुका है।
मध्य प्रदेश: सभी संभागों में गेहूं का उपार्जन शुरू,  3171 केन्द्र बनाये गये, 24 अप्रैल तक कर सकते हैं स्लॉट बुक, जानें अन्य डिटेल्स

Wheat procurement

मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 अप्रैल 2026 से शेष संभागों में भी समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू हो चुकी है। किसान गेहूं विक्रय के लिये 24 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं। अब तक 2 लाख 58 हजार 644 किसानों द्वारा 1 करोड़ 13 लाख 95 हजार 407 क्विंटल गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। इससे पहले 9 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में खरीदी शुरू हुई थी। बता दें कि इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि अबतक 42 हज़ार 689 किसानों से 18 लाख 97 हजार 480 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 28 करोड़ 40 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। इस वर्ष 2585 रुपये प्रति क्विंटल और राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है।

मंत्री राजपूत ने बताया है कि गेहूं के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूं में से 8 लाख 65 हजार 600 क्विंटल गेहूँ का परिवहन किया जा चुका है।  पिछले वर्ष 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।

Pooja Khodani
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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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