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कांग्रेस ने MP सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा, उमंग सिंघार ने कहा “भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार को ही शासन का मॉडल बना दिया”

Written by:Shruty Kushwaha
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नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार को ही व्यवस्था का हिस्सा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि कि कई पंचायतों में बिना वास्तविक काम के भुगतान किए गए, खेतों को तालाब दिखाकर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी धन निकाला गया।
कांग्रेस ने MP सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा, उमंग सिंघार ने कहा “भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार को ही शासन का मॉडल बना दिया”

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश की पंचायत व्यवस्था में कथित वित्तीय घोटालों को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के नाम पर जो सिस्टम चल रहा है, वह “सुशासन” नहीं बल्कि भ्रष्टाचार आधारित शासन मॉडल बन चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों में खेतों को तालाब बताकर, कागज़ों पर निर्माण दिखाकर और फर्जी तस्वीरों के आधार पर करोड़ों रुपये की निकासी की जा रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि बिना किसी वास्तविक काम के भुगतान जारी होना इस बात का प्रमाण है कि पूरी व्यवस्था में गंभीर स्तर पर गड़बड़ी और मिलीभगत मौजूद है।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में खेतों को तालाब बताकर, कोरे कागजों पर बिल पास करके और फर्जी तस्वीरें अपलोड कर जनता के करोड़ों रुपये लूटे जा रहे हैं।  मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि “भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार को शासन का मॉडल ही बना दिया है। बिना काम हुए भुगतान हो रहे हैं, सरकारी पोर्टल को लूट का आसान माध्यम बना दिया गया है। यह सामान्य घोटाला नहीं, जनता के पैसे की खुली डकैती है। बिना सत्ता के संरक्षण के यह इतने बड़े स्तर पर संभव नहीं हो सकता।” नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सवाल किया है कि क्या यही आपका तथाकथित ‘सुशासन’ है। उमंग सिंघार ने सरकार से तत्काल मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए और लूटे गए जनता के पैसे की पूरी वसूली की जाए।

भ्रष्टाचार के आरोप

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पंचायत व्यवस्था में कथित अनियमितताओं का बड़ा खुलासा सामने आया है। कई जिलों में विकास कार्य सिर्फ कागजों पर पूरे दिखाकर सरकारी राशि का भुगतान किया गया, जबकि जमीनी स्तर पर काम या तो अधूरा है या फिर हुआ ही नहीं। रिपोर्ट के अनुसार श्योपुर, मुरैना, बैतूल, खंडवा, रायसेन सहित कई जिलों की पंचायतों में इसी तरह का फर्जीवाड़ा हुआ है। मुरैना में खेत में फसल खड़ी रहते हुए तालाब निर्माण का भुगतान किया गया। बैतूल में तालाब की राशि से सड़क बनाकर पोर्टल पर तालाब की फोटो डाल दी गई। रायसेन में एआई जनरेटेड फोटो अपलोड कर भुगतान निकाला गया। श्योपुर में अकेले एक पंचायत में 35 करोड़ के फर्जी बिल पोर्टल पर डाले गए। इसे लेकर अब कांग्रेस प्रदेश सरकार को घेर रही है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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