नागपुर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खैरी गांव स्थित एक बड़े कार गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि पूरा परिसर धुएं और आग की लपटों से घिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने जब आसमान में उठता काला धुआं देखा तो इलाके में दहशत फैल गई। कुछ ही मिनटों में वहां खड़ी सैकड़ों पुरानी गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं और एक-एक कर जलने लगीं।
भीषण गर्मी के बीच हुई इस घटना ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में 400 से ज्यादा पुरानी कारें, टायर, स्पेयर पार्ट्स और अन्य ज्वलनशील सामान जलकर राख हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकलने तक का मुश्किल से समय मिला। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
नागपुर के खैरी गांव में कैसे लगी इतनी बड़ी आग?
यह पूरा मामला नागपुर ग्रामीण क्षेत्र के खैरी-कन्हान मार्ग स्थित एक बड़े वाहन गोदाम का बताया जा रहा है। यहां पुरानी और सेकेंड हैंड कारों का कारोबार किया जाता था। गोदाम में बड़ी संख्या में खराब वाहन, मरम्मत के लिए रखी गई कारें, पुराने टायर, बैटरी, प्लास्टिक पार्ट्स और अन्य सामान मौजूद था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार दोपहर अचानक गोदाम के एक हिस्से से धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में लोगों को लगा कि मामूली शॉर्ट सर्किट होगा, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई। तेज गर्मी और ज्वलनशील सामान की वजह से आग ने विकराल रूप ले लिया।
लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से बढ़ी कि कर्मचारियों को कुछ समझ ही नहीं आया। कई गाड़ियों में धमाके जैसी आवाजें आने लगीं, जिससे आसपास रहने वाले लोग भी डर गए। आग की ऊंची लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं।
400 से ज्यादा गाड़ियां जलकर राख, करोड़ों का नुकसान
इस हादसे में सबसे ज्यादा नुकसान गोदाम में खड़ी पुरानी कारों को हुआ। शुरुआती अनुमान के मुताबिक 400 से ज्यादा वाहन पूरी तरह जल गए। इनमें कई ऐसी गाड़ियां भी थीं जिन्हें बेचने के लिए तैयार किया गया था।
इसके अलावा गोदाम में रखे स्पेयर पार्ट्स, सीट कवर, टायर, इंजन ऑयल और अन्य ऑटोमोबाइल सामान भी आग में खाक हो गया। आग की वजह से आसपास का तापमान अचानक काफी बढ़ गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ देर के लिए पूरे इलाके में धुएं की मोटी परत छा गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के गोदामों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने पर आग का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। खासकर गर्मियों में टायर, प्लास्टिक और पेट्रोल-डीजल से जुड़े सामान बेहद तेजी से आग पकड़ लेते हैं। यही वजह रही कि कुछ ही देर में पूरा परिसर आग की चपेट में आ गया।
दमकल विभाग ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। नागपुर महानगरपालिका, कामठी और आसपास के इलाकों से करीब 15 फायर ब्रिगेड वाहनों को बुलाया गया।
दमकल कर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आग को फैलने से रोकना था। क्योंकि गोदाम के आसपास भी ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी। कई घंटों तक लगातार पानी की बौछार की गई। आग इतनी भयानक थी कि दमकल कर्मियों को भी काफी सावधानी बरतनी पड़ी।
मौके पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के दूसरे गोदाम और मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे। लंबे ऑपरेशन के बाद आखिरकार आग पर नियंत्रण पाया गया।






