उज्जैन का विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर हर दिन लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनता है। देश-विदेश से आने वाले भक्त भगवान महाकाल के दर्शन के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं। लेकिन गर्मी के मौसम में मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर गर्म फर्श श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।
दोपहर के समय पत्थर और जमीन इतनी गर्म हो जाती है कि नंगे पैर चलना मुश्किल हो जाता है। कई बार श्रद्धालुओं को जलन और असहजता तक महसूस होती है। अब इसी समस्या को देखते हुए महाकाल मंदिर प्रशासन ने एक नई और राहत देने वाली व्यवस्था शुरू की है।
महाकाल मंदिर में क्यों पड़ी हीट प्रूफ पाथ-वे की जरूरत
उज्जैन में इस समय तापमान लगातार बढ़ रहा है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हालात और ज्यादा कठिन हो जाते हैं। महाकाल मंदिर में आने वाले अधिकांश श्रद्धालु बिना चप्पल-जूते के दर्शन करते हैं। ऐसे में उन्हें गर्म पत्थरों और फर्श पर चलना पड़ता है।
कई श्रद्धालुओं ने शिकायत की थी कि मंदिर परिसर में दोपहर के समय जमीन बहुत ज्यादा गर्म हो जाती है। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चों को ज्यादा परेशानी होती है। मंदिर प्रशासन को लगातार ऐसी जानकारी मिल रही थी कि श्रद्धालु गर्म फर्श की वजह से असहज महसूस कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने हीट प्रूफ पाथ-वे बनाने का फैसला लिया।
13 हजार स्क्वेयर फीट क्षेत्र में तैयार हो रहा विशेष पाथ-वे
जानकारी के अनुसार मंदिर परिसर में लगभग 13 हजार स्क्वेयर फीट क्षेत्र में यह विशेष पाथ-वे बनाया जा रहा है। इसके लिए सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक जमीन पर पड़ने वाली धूप और गर्मी को कम करने में मदद करती है।
इस खास पेंट की वजह से फर्श ज्यादा गर्म नहीं होगा। सामान्य फर्श की तुलना में इसका तापमान काफी कम रहेगा। इससे श्रद्धालु आराम से चल सकेंगे और उन्हें पैरों में जलन महसूस नहीं होगी।
नीलकंठ क्षेत्र से बड़ा गणेश मंदिर तक बनेगा मार्ग
यह हीट प्रूफ पाथ-वे मंदिर के महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ते हुए बनाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक यह मार्ग नीलकंठ क्षेत्र से शुरू होकर पंचमुखी हनुमान, मानसरोवर, शंख द्वार और बड़ा गणेश मंदिर तक तैयार किया जा रहा है।
यही वह रास्ता है जहां हर दिन हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। सुबह भस्म आरती से लेकर रात की शयन आरती तक मंदिर परिसर भक्तों से भरा रहता है। गर्मी में यही रास्ता सबसे ज्यादा गर्म हो जाता है।
अब नई व्यवस्था के बाद श्रद्धालुओं को इस पूरे मार्ग पर राहत मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि यह पाथ-वे केवल सुविधा ही नहीं देगा, बल्कि मंदिर परिसर को आधुनिक और व्यवस्थित स्वरूप भी देगा।
महाकाल मंदिर में हर दिन बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या
महाकाल मंदिर में पिछले कुछ वर्षों में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। महाकाल महालोक बनने के बाद देशभर से बड़ी संख्या में लोग उज्जैन पहुंच रहे हैं। छुट्टियों, त्योहारों और सोमवार के दिन यहां भारी भीड़ रहती है।
गर्मी के मौसम में भी भक्तों की संख्या कम नहीं होती। सुबह से ही लंबी लाइनें लग जाती हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं को आरामदायक दर्शन व्यवस्था देना होती है।
इसी वजह से मंदिर प्रशासन लगातार नई सुविधाएं जोड़ रहा है। पेयजल, छांव, पंखे, मिस्ट फैन और बैठने की व्यवस्था पहले से मौजूद है। अब हीट प्रूफ पाथ-वे को भी इसी कड़ी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।






