साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होने वाला है। इसकी तैयारी लंबे समय से चल रही है। अब इन्हीं तैयारी का निरीक्षण करने और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर चर्चा करने के लिए वैष्णव संप्रदाय के संत गुरुवार दोपहर शहर पहुंचने वाले हैं। उनके साथ अन्य संतों की मौजूदगी भी देखने को मिलेगी।
जानकारी के मुताबिक अखिल भारतीय खालसा परिषद के अध्यक्ष रामानंद संप्रदाय के अग्रणी संत टीला द्वारा गद्दाचार्य मंगल पीठाधीश्वर यज्ञ सम्राट श्री स्वामी माधवाचार्य डाकोर के नेतृत्व में संतों का एक बाद का जन्मदिन मंडल शहर पहुंचने वाला है।
700 खालसों के अध्यक्ष करेंगे निरीक्षण
वैष्णव संप्रदाय के तीन अणी खानों के अंतर्गत आने वाले 700 खालसों के अध्यक्ष स्वामी माधवाचार्य संतों के साथ कुंभ के कार्यों का निरीक्षण का अधिकारियों से चर्चा करने वाले हैं। सिंहस्थ के दृष्टिकोण से हैं यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
सबसे पहले करेंगे महाकाल दर्शन
इस बारे में जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक सबसे पहले उज्जैन पहुंचने के बाद संत भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। इसके बाद से क्षेत्र का भ्रमण कर वहां चल रहे हैं निर्माण और विकास कार्यों का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर, मेला अधिकारी और अन्य प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा करेगा।
वरिष्ठ संत रहेंगे मौजूद
इस महत्वपूर्ण दौरे में देश के विभिन्न स्थानों से कई वरिष्ठ संत और महामंडलेश्वर शामिल होने वाले हैं। इसमें रामादल अखाड़ा परिषद उज्जैन के अध्यक्ष महंत डॉक्टर रामेश्वर दास, महंत भगवान दास सहित भोपाल के महामंडलेश्वर राम प्रवेश दास महाराज, जगन्नाथ पुरी के महाकालेश्वर रामकृष्ण दास महाराज, भावनगर के महामंडलेश्वर गरीबदास महाराज, इंदौर के महामंडलेश्वर राधे राधे बाबा, नासिक के महामंडलेश्वर भक्ति दास महाराज, बनारस के महामंडलेश्वर रामलोचन दास महाराज, बांसवाड़ा के महामंडलेश्वर हरिओम दास, नडियाद के महंत महावीर दास, इंदौर पंचकुया के महामंडलेश्वर राम गोपाल दास महाराज अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे।






