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NCRB रिपोर्ट: महिलाओं पर अत्याचार में MP टॉप-5 राज्यों में, अपराध के आंकड़े चिंताजनक, उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार को घेरा

Written by:Shruty Kushwaha
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इस नई रिपोर्ट ने एक बार फिर मध्यप्रदेश में अपराधों के बढ़ते ग्राफ और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों के खिलाफ दर्ज मामलों में राज्य की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं, साइबर अपराध और लंबित मामलों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
NCRB रिपोर्ट: महिलाओं पर अत्याचार में MP टॉप-5 राज्यों में, अपराध के आंकड़े चिंताजनक, उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार को घेरा

Umang Singhar

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट सामने आने के बाद मध्यप्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस बीजेपी सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े कार्यक्रम करती है नारे लगाती है, दूसरी तरफ अपराध के आंकड़े प्रदेश की भयावह हकीकत बयान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं और मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है जहां महिला अपराध की घटनाएं शीर्ष स्तर पर बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा ध्यान “इवेंट मैनेजमेंट और छवि निर्माण” पर है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही कमजोर होती जा रही है।

NCRB की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश की स्थिति चिंताजनक

एनसीआरबी की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में कई बड़े राज्यों के साथ मध्यप्रदेश भी शीर्ष पांच में शामिल रहा है। राज्य में सालभर में महिलाओं से जुड़े मामलों की संख्या 32 हजार से अधिक दर्ज की गई है, जिससे औसतन हर दिन लगभग 90 से ज्यादा घटनाएं सामने आती हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में उत्तरप्रदेश सबसे ऊपर रहा, जबकि महाराष्ट्र और राजस्थान भी उच्च अपराध दर वाले राज्यों में शामिल रहे। मध्यप्रदेश इस सूची में लगातार टॉप-5 में अपनी जगह बनाए हुए है।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो डेटा के मुताबिक मध्यप्रदेश में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है और राज्य इस श्रेणी में देश में पहले स्थान पर रहा। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाफ अपराधों में भी मध्यप्रदेश शीर्ष पर है, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मामलों में राज्य दूसरे स्थान पर दर्ज किया गया है। बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में हालांकि इस वर्ष थोड़ी राहत देखने को मिली है और मध्यप्रदेश अब तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह पहले स्थान पर था।

रिपोर्ट के अनुसार राज्य में साइबर अपराध के नए मामलों में गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन लंबित मामलों और सजा की दर को लेकर स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। कई मामलों में जांच लंबित है और न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति पर भी सवाल उठ रहे हैं।

उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार से किए सवाल

इस रिपोर्ट के आने के बाद मध्यप्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रदेश में अपराध के आंकड़े सरकार के “महिला सशक्तिकरण” के दावों की सच्चाई उजागर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार बड़े मंचों से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि NCRB के आंकड़े बताते हैं कि मध्यप्रदेश महिला अपराध, बुजुर्गों पर अत्याचार और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के खिलाफ अपराधों के मामलों में गंभीर स्थिति में बना हुआ है।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि “डबल इंजन सरकार” आखिर किस दिशा में काम कर रही है…कानून-व्यवस्था सुधारने में या सिर्फ प्रचार और इवेंट मैनेजमेंट में। उमंग सिंघार ने कहा कि महिलाओं और बुजुर्गों पर बढ़ते अपराध और सामाजिक वर्गों पर लगातार हो रहे अत्याचार यह दर्शाते हैं कि प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सिर्फ नारों और अभियानों से आगे बढ़कर ठोस सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही तय की जाए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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