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पश्चिम बंगाल पर डोनाल्ड ट्रंप का दृष्टिकोण असंतुलित और तथ्यहीन! शिवसेना नेता संजय राउत की पोस्ट के क्या हैं मायने

Written by:Shruty Kushwaha
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पीएम मोदी को दी गई बधाई को लेकर संजय राउत ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि भारत के चुनाव देश का आंतरिक मामला हैं और इस तरह की बाहरी टिप्पणियां लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने वाली मानी जा सकती हैं। इसी के साथ उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए हैं।
पश्चिम बंगाल पर डोनाल्ड ट्रंप का दृष्टिकोण असंतुलित और तथ्यहीन! शिवसेना नेता संजय राउत की पोस्ट के क्या हैं मायने

Sanjay Raut

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत पर बधाई दिए जाने के बाद शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इसपर आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट लिखकर इसे भारत के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप बताया है।

अपनी पोस्ट में उन्होंने आग्रह करते हुए लिखा है कि लोकतंत्र की साख और उसकी संस्थागत निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की जाने वाली टिप्पणियां अधिक जानकारीपूर्ण, संतुलित और संवेदनशील हों ताकि किसी भी प्रकार की गलत धारणा या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो सके।

डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को दी बधाई

यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत पर बधाई दी है। व्हाइट हाउस ने इस जीत को अभूतपूर्व बताया है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने यह भी कहा कि पिछले महीने ही फोन पर हुई बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त की थी और कहा था कि भारत भाग्यशाली है कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के रूप में नेता मिला है।

संजय राउत ने जताई आपत्ति

ट्रंप की बधाई के बाद शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अपनी पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि भारत का चुनावी तंत्र पूरी तरह आंतरिक और संघीय लोकतंत्र का हिस्सा है, इसलिए किसी भी बाहरी टिप्पणी या समर्थन को अनुचित और समय से पहले माना जा सकता है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।

इसी के साथ संजय राउत ने अपनी पोस्ट में चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान भय, धमकी और दबाव का माहौल था। उन्होंने कहा किया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती ने जबरदस्ती का वातावरण बनाया। राज्यसभा सांसद ने लिखा है कि “व्यापक धारणा है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष रूप से काम नहीं किया और उसका कार्यभार भाजपा के पक्ष में दिखाई दिया, जिससे संस्थागत तटस्थता पर गंभीर सवाल उठे हैं। ममता बनर्जी सहित वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चिंता जताई है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति से किया संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह

संजय राउत ने कहा कि लोकतंत्र सिर्फ चुनाव कराने का नाम नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय हों। अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि जब गंभीर आरोप सामने आ रहे हों तो उन्हें उत्सव का विषय नहीं बल्कि जांच का विषय बनाया जाना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से सवाल किया कि क्या आपकी टिप्पणी से पहले इन चिंताओं पर विचार किया गया था। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को स्पष्ट शब्दों में कहा कि “लोकतांत्रिक मूल्यों पर आपके जोर को देखते हुए मैं आपसे अधिक जानकारीपूर्ण और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह करता हूँ।”

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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