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शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या पर वारिस पठान का बड़ा बयान, केंद्र से की सख्त कार्रवाई की मांग

Written by:Rishabh Namdev
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पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के बाद वारिस पठान ने हिंसा की निंदा करते हुए केंद्र से सख्त कार्रवाई और सीबीआई जांच की मांग की है। चलिए जानते हैं इस मामले पर वारिस पठान ने क्या कहा?
शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या पर वारिस पठान का बड़ा बयान, केंद्र से की सख्त कार्रवाई की मांग

पश्चिम बंगाल में बीजेपी विधायक शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। वहीं इस घटना के बाद से भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रही हैं, जिससे सूबे का सियासी माहौल और गरमा गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य में चुनाव के बाद की हिंसा को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है।

वहीं इसी गहमागहमी के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता वारिस पठान की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी कड़ी आपत्ति और चिंता व्यक्त की है। पठान ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि वह किसी भी प्रकार की हिंसा के सख्त खिलाफ हैं। उन्होंने दोहराया कि वह अतीत में भी हिंसा की निंदा करते रहे हैं, वर्तमान में भी कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे। सभ्य समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

जानिए वारिस पठान ने क्या कहा?

दरअसल वारिस पठान ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति को दूसरे की जान लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सबको कायदा-कानून का पालन करना है और उसका सम्मान करना है। एक सभ्य समाज में ऐसी घटनाएँ नहीं होनी चाहिए, चाहे वह चुनाव से पहले की हिंसा हो या चुनाव के बाद की। उनका मानना है कि चुनाव प्रक्रिया स्वच्छ और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होनी चाहिए। पठान ने आगे कहा कि उनके पास इतने सारे वीडियो आ रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हैं। इन वीडियो में लोग पथराव कर रहे हैं, आगजनी हो रही है, लेकिन पुलिस और प्रशासन खड़े होकर केवल तमाशा देख रहे हैं।

पुलिस और प्रशासन पर उठाए सवाल

पठान ने सीधे तौर पर सवाल किया कि जब पुलिस और प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है, तो वे हिंसा को रोकने के लिए कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि पब्लिक यह सब देख रही है कि आखिर प्रशासन हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठा है। इसी संदर्भ में, वारिस पठान ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रशासन को इस गंभीर मामले का संज्ञान लेना चाहिए और तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा बलों को कार्रवाई में लाना चाहिए। पठान ने यह भी मांग की कि इस हिंसा में जो भी व्यक्ति शामिल हो, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्हें तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए ताकि एक मिसाल कायम हो सके।

जनादेश का सम्मान करना चाहिए

AIMIM नेता ने यह भी याद दिलाया कि वोट डालने का अधिकार हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और सभी ने अपने इस अधिकार का प्रयोग किया है। इसलिए, पब्लिक के जनादेश का सम्मान करना और उसे स्वीकार करना सभी राजनीतिक दलों का कर्तव्य है। वारिस पठान ने इस मामले की गहन और निष्पक्ष जाँच के लिए एक और बड़ी मांग रखी। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या का मामला केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को सौंपा जाना चाहिए और एक विशेष जाँच दल द्वारा इसकी पड़ताल की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की हिंसा को पश्चिम बंगाल में अभी नहीं रोका गया, तो इसका नकारात्मक प्रभाव अन्य राज्यों में भी फैल सकता है, जिससे पूरे देश की कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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