मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में कोरोना वारियर्स (स्वास्थ्यकर्मियों) का अपनी नौकरी को बचाने के लिए अनिश्चितकालीन धरना जारी है। प्रदर्शनकारियों ने नियमितीकरण की मांग पूरी ना होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार, कोरोना काल के समय मध्य प्रदेश में 4 हजार स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की गई थी लेकिन कोरोना खत्म होने के बाद इन्हें हटा दिया गया, जिसके चलते इन कर्मियों में आक्रोश है।
5 अक्टूबर से प्रदर्शन कर रहे कोरोना वारियर्स का कहना है कि कोरोना जैसी भयंकर स्थिति में हमने शासन-प्रशासन का साथ दिया, उनके साथ कंधे से कंधे मिलाकर खड़े रहे और लड़े, लेकिन जैसे ही कोरोना खत्म हुआ सरकार ने हमें फंड की कमी का हवाला देकर बाहर कर दिया। हमारी डिग्री को सरकार मानती नहीं। जब डिग्री फर्जी है और किसी काम की नहीं है तो हम उसको जलाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सोमवार को कई साथियों ने मुंडन करवाया और आज भी विरोध में कई महिलाएं मुंडन करवाएंगी। सरकार से मांग है कि हमारी ओर ध्यान दें और हमें वापस से संविदा में संविलियन करें या जो भी सरकार चाहे वो करें। अगर मांगे पूरी नहीं होती तो धरना भी जारी रहेगा। उसके बाद भी सरकार नहीं सुनती है तो तालाब में आत्महत्या करेंगे। इसकी जिम्मेदारी शासन की होगी।






