राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP–2020) के तहत कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भोपाल के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (IEHE) में एक दिवसीय हैंड्स-ऑन CPR प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। 16 जनवरी 2026 को हुए इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और आपात स्थिति में जीवन बचाने की महत्वपूर्ण तकनीकें सीखीं।
संस्थान के व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य सभी को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) जैसी जीवन-रक्षक विधि से परिचित कराना था। इस प्रशिक्षण का संचालन मेडिकल सिमुलेशन विभाग के प्रमुख और मुख्य प्रशिक्षक डॉ. एल्बी के. पॉल ने अपनी टीम के साथ किया, जिसमें प्रशिक्षक फैसल सिद्दीकी और सोनल मिंज भी शामिल थे।
प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से सीखा कौशल
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने मेडिकल सिमुलेशन मैनिकिन्स (पुतलों) का उपयोग करके CPR की सही तकनीक का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों को सिखाया गया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में मरीज की प्रतिक्रिया कैसे जांची जाए, छाती पर सही तरीके से दबाव (चेस्ट कंप्रेशन) कैसे दिया जाए और कंप्रेशन-वेंटिलेशन का सही अनुपात कैसे बनाए रखा जाए।
इस हैंड्स-ऑन सत्र के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने खुद अभ्यास किया, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वे वास्तविक जीवन की आपात स्थितियों में बिना घबराए सही कदम उठा सकें।
NEP-2020 के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता
यह कार्यक्रम संस्थान के निदेशक डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल के निर्देशन और व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रकोष्ठ की नोडल अधिकारी डॉ. रुचिरा चौधरी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर संकाय सदस्य डॉ. अखिलेश शेंडे और डॉ. सृष्टि भौमिक भी उपस्थित रहे।

संस्थान प्रबंधन ने कहा कि यह प्रशिक्षण NEP–2020 की उस भावना के अनुरूप है, जो व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर देती है। संस्थान ने भविष्य में भी अकादमिक समुदाय के लाभ के लिए इस तरह के और भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।





