मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयादशमी से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करने वाले है। 20 अक्टूबर से निकाली जाने वाली यह यात्रा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होगी और उत्तर प्रदेश के अयोध्या (राम मंदिर) पर समाप्त होगी।
इस दौरान दिग्विजय करीब 930 किलोमीटर का सफर तय करेंगे, इसे 70 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए रोज करीब 15 किमी पैदल चलने की योजना है। खास बात यह है कि 2017 में दिग्विजय सिंह ने नर्मदा परिक्रमा भी विजयादशमी से ही शुरू की थी। इस बार भी उन्होंने यात्रा की शुरुआत के लिए यही दिन चुना है।
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यात्रा की जानकारी दिग्विजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शेयर की है। उन्होने लिखा है कि मैं 20 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी (दशहरे) के पुनीत अवसर पर अधर्म पर धर्म की विजय के उद्देश्य के साथ शिव धाम (उज्जैन) से राम धाम (अयोध्या) तक “सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा” प्रारंभ करने जा रहा हूं। आप सभी से आग्रह है कि सनातन धर्म के स्वाभिमान की रक्षा के लिए और राम दान की लूट के खिलाफ हमारी इस जन जागरण पद यात्रा में अवश्य पधारें।
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि मेरे लिए उम्र मायने नहीं रखती है। अंग्रेजी में एक कहावत है आदमी उतना ही बूढ़ा होता है, जितना वो सोचता है। मैं अगर 50 साल का फील करता हूं, तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
ऐसा रहेगा यात्रा का पूरा रूट
दिग्विजय सिंह 19 अक्टूबर की रात उज्जैन जाएंगे। 20 अक्टूबर की सुबह चिंतामन मंदिर में दर्शन कर बालाजी गार्डन में पार्थिव शिवलिंग बनाएंगे। इसके बाद महाकाल मंदिर में दर्शन करने के बाद करीब 2 बजे यात्रा शुरू करेंगे।
इसमें पहला पड़ाव कानीपुरा और फिर सिंदुरिया, तराना, कनासिया होते हुए यात्रा शाजापुर जिले में प्रवेश करेंगे। इसके बाद सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी पहुंचेंगे।
मध्य प्रदेश से सफर पूरा करने के बाद यात्रा उत्तर प्रदेश सीमा में प्रवेश करेगी। तालबेहट, जेरोन, रामराजा की नगरी ओरछा (जिला निवाड़ी), चिरगांव, उरई, कालपी, कानपुर देहात, लखनऊ देहात, बाराबंकी से होते हुए अयोध्या पहुंचेगी, जहां रामलला के दर्शन के साथ इसका समापन होगा।