इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई घटना के बाद नगर निगम आयुक्त पद से हटाए गए आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार यादव को महज सोलह दिनों के भीतर ही नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई है। राज्य सरकार ने उन्हें मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक नियुक्त किया है। इसे लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले में सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इंदौर में मौतों के बाद हटाए गए निगमायुक्त का महज़ 16 दिन में प्रमोशन” कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की तथाकथित कार्रवाई सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने के लिए थी। उन्होंने कहा कि ‘हकीकत में पूरी भाजपा सरकार निर्लज्जता की चरम सीमा पार कर चुकी है।’
इंदौर से हटाए गए निगमायुक्त को मिली अहम जिम्मेदारी
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित जल कांड में नगर निगम कमिश्नर पद से हटाए गए आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार यादव को सिर्फ सोलह दिन के भीतर ही एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो जनवरी को इस घटना के बाद कार्रवाई करते हुए दिलीप कुमार यादव को इंदौर नगर निगम आयुक्त पद से हटा दिया था और उन्हें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव बनाकर भोपाल ट्रांसफर कर दिया गया था।
मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के एमडी बनाए गए
मध्यप्रदेश में अठारह जनवरी को हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में दिलीप कुमार यादव को मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम का एमडी बना दिया गया है। यह फैसला काफी चौंकाने वाला है, क्योंकि दूषित जल कांड जैसी गंभीर लापरवाही के बाद इतनी जल्दी “प्रमोशन” जैसी पोस्टिंग मिलने की उम्मीद किसी को नहीं थी। अब इसे लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर ‘संवेदनहीनता’ का आरोप लगाया है और जवाबदेही पर प्रश्न खड़े किए हैं।
उमंग सिंघार ने सरकार पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आईएएस दिलीप कुमार यादव को सौंपी गई इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के बाद कहा है कि भाजपा में नियम बिल्कुल साफ है। सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा है कि यहां जितना बड़ा कांड होगा उतनी ही बड़ी ट्रॉफी दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि इंदौर की इतनी बड़ी घटना के बाद हटाए गए निगमायुक्त का प्रमोशन कर दिया गया जिससे साफ होता है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई कार्रवाई सिर्फ लोगों का ध्यान भटकाने का नाटक था। उन्होंने कहा कि ‘ पूरी भाजपा सरकार निर्लज्जता की चरम सीमा पार कर चुकी है। 24 लोगों की जान चली गई और प्रमोशन के लिए 24 दिन का इंतज़ार भी नहीं किया।’ नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि मध्यप्रदेश की जनता इस सरकार की संवेदनहीनता देख रही है।





