मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पन्ना जिले के अजयगढ़ में मझगांय बांध परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों के ‘सूली सत्याग्रह’ को लेकर सरकार से सवाल किेए हैं। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर लोगों का विस्थापन हो रहा है, लेकिन उन्हें उनके हक का मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिल रहा है। कांग्रेस नेता ने पूछा कि आखिर यह कैसा न्याय है?
मझगांय बांध परियोजना को 15 साल से अधिक समय हो चुका है। अब बांध के डूब क्षेत्र में पानी भरने के साथ कई गांवों पर विस्थापन का खतरा बढ़ गया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है और पुनर्वास की व्यवस्था भी पूरी नहीं हुई है।
जलभराव के बीच ग्रामीणों का सूली सत्याग्रह
बुधवार को आंदोलनकारियों ने बांध के किनारे जलभराव के बीच ‘सूली सत्याग्रह’ कर विरोध जताया। मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा यह आंदोलन सितंबर में 12वें दिन तक पहुंच गया था। इससे पहले ग्रामीण चिता, फांसी, जल और मिट्टी सत्याग्रह जैसे प्रतीकात्मक तरीकों से भी अपनी मांगें उठा चुके हैं।
पुनर्वास पूरा होने से पहले जलभराव का आरोप
प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि बांध में पानी भरने से पहले पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। उनका कहना है कि संपत्तियों के सही आकलन और प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने में भी देरी हो रही है। आंदोलनकारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों को नोटिस दिए जा रहे हैं।
जीतू पटवारी ने उठाया विस्थापन और मुआवजे का मुद्दा
जीतू पटवारी ने इसी स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगते हुए कहा है कि अगर विकास परियोजनाओं के लिए लोगों को विस्थापित किया जा रहा है तो उनके अधिकारों के मुताबिक मुआवजा और पुनर्वास भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने अजयगढ़ में चल रहे सूली सत्याग्रह को प्रभावित परिवारों की नाराजगी और लंबित मांगों से जोड़ते हुए सरकार की व्यवस्था पर सवाल किए हैं।
विकास के नाम पर विस्थापन, लेकिन हक़ का मुआवजा नहीं, यह कैसा न्याय?
• अजयगढ़ (पन्ना)
• अब सूली सत्याग्रह
• मझगांय बांध परियोजना@DrMohanYadav51 pic.twitter.com/PDv3MpcO6Q— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) September 24, 2026






