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सरदार सरोवर समझौते पर जीतू पटवारी ने MP सरकार को घेरा, श्वेत पत्र जारी करने और विधानसभा में चर्चा की मांग

उन्होंने प्रदेश सरकार पर मध्यप्रदेश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि बीजेपी सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस 15 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी।
Sardar Sarovar Dam Jitu Patwari

Jitu Patwari

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरदार सरोवर बांध से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने मध्यप्रदेश के वैधानिक अधिकारों और किसानों के हितों से समझौता किया है। कांग्रेस ने पूरे मामले में श्वेत पत्र जारी करने और विधानसभा में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में राज्य सरकार ने सरदार सरोवर मामले में मध्यप्रदेश के हितों को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की जीवन रेखा है और इसके बावजूद परियोजना से जुड़े निर्णयों में प्रदेश के किसानों, विस्थापित परिवारों और आम नागरिकों के हितों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी और इसी क्रम में 15 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस “अयोध्या से महाकाल तक” भ्रष्टाचार के मुद्दों को भी जनता के सामने लाएगी।

सरदार सरोवर समझौते पर सरकार को घेरा 

जीतू पटवारी ने मध्यप्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार, बढ़ते कर्ज और विजन की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश पर वर्तमान में 5,61,786 करोड़ का कर्ज है और हाल ही में 600 करोड़ का अतिरिक्त ऋण भी लिया गया है। उनका आरोप है कि जनता के टैक्स और कर्ज के पैसे का उपयोग विकास कार्यों के बजाय विज्ञापनों, प्रचार और बड़े आयोजनों पर किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2019 में सरदार सरोवर बांध को उसकी पूरी क्षमता तक भरने के कारण मध्यप्रदेश के सैकड़ों गांव प्रभावित हुए थे और प्रदेश को मानवीय एवं आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी की कुल 1,312 किलोमीटर लंबाई में से 1,000 किलोमीटर से अधिक हिस्सा मध्य प्रदेश में बहता है, इसलिए नर्मदा पर पहला अधिकार प्रदेश की जनता का है।

उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित 230 संभावित गांवों में से 178 गांव मध्यप्रदेश के हैं, जबकि गुजरात के केवल 19 गांव प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के कारण मध्यप्रदेश के लगभग 23,600 परिवार विस्थापित हुए, जबकि गुजरात में यह संख्या करीब 4,000 है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सबसे अधिक कृषि भूमि, वन क्षेत्र, आदिवासी परिवारों के पुनर्वास और पर्यावरणीय नुकसान का बोझ भी एमपी ने उठाया है।

मध्यप्रदेश के हितों से समझौता करने का आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इन्हीं नुकसानों के आधार पर पूर्व में राज्य सरकार ने 76.69 करोड़ का दावा प्रस्तुत किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने उस दावे को समाप्त कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत सरकार ने गुजरात को लगभग 550 करोड़ देने पर सहमति जताई है। साथ ही सरकार यह दावा कर रही है कि उसने 1,500 करोड़ की देनदारी को घटाकर 231 करोड़ में निपटा दिया और 1,268 करोड़ की बचत की है। जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि यह समझौता किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किन अधिकारियों की भूमिका रही।

श्वेत पत्र जारी करने और विधानसभा में चर्चा कराने की मांग

उन्होंने सरकार से सवाल किया कि सरदार सरोवर बांध से जुड़े लगभग 7,500 करोड़ के दावे को छोड़कर 1,250 से ₹1,500 करोड़ के बीच समझौता कैसे किया गया। उन्होंने पूछा कि इतने बड़े फैसले से पहले विधानसभा, विपक्ष और प्रदेश की जनता को विश्वास में क्यों नहीं लिया गया। कांग्रेस ने पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी करने और विधानसभा में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है। पत्रकार वार्ता के दौरान जीतू पटवारी ने शिक्षा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने पेपर लीक, आरजीपीवी मामले और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केजी से पीजी तक निशुल्क शिक्षा की मांग दोहराई। साथ ही समान नागरिक संहिता पर उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार का विषय है और प्रदेश में इस पर चर्चा वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों पर इसके संभावित प्रभाव पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

कांग्रेस करेगी सीएम हाउस का घेराव

जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं और आदिवासियों के खिलाफ अपराध, ड्रग्स माफिया, शराब माफिया और भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेगी और 15 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस “अयोध्या से महाकाल तक” कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को भी जनता के सामने उठाएगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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